गलगोटिया यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. एनके गौड़ ने कर दिया साफ- गलती प्रोफेसर नेहा सिंह की पर जिम्मेदारी यूनिवर्सिटी ने ली, उन्हें जारी किया नोटिस

Galgotias University controversy: गल्गोटिया यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. एनके गौड़ ने AI समिट विवाद पर सफाई दी. प्रोफेसर नेहा सिंह को शो-कॉज नोटिस जारी, लेकिन यूनिवर्सिटी ने पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली. जानिए रोबो डॉग ‘ओरायन’ और थर्माकोल ड्रोन विवाद की पूरी कहानी.

Galgotias University controversy
Galgotias University controversy
social share
google news

AI समिट में चाइना का रोबो डॉग 'ओरायन' को प्रदर्शित कर चौतरफा घिर चुकी ग्रेटर नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी को समिट से रवाना कर दिया गया है. News Tak ने चाइनीज रोबो डॉग पर अपना कथित क्लेम और थर्माकोल का टोही विमान प्रदर्शित कर ट्रोल हुए चुके विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार एनके गौड़ और कुछ छात्र-छात्राओं से बात की. एनके गौड़ ने कहा कि गलती तो प्रोफेसर नेहा सिंह से हुई.  हालांकि इसकी पूरी जिम्मेदारी यूनिवर्सिटी प्रशासन अपने ऊपर ले रहा है. ये गलत खबर है कि प्रोफेसर नेहा सिंह को विश्वविद्यालय से निकाला गया है. हां उनके नोटिस जारी कर जवाब जरूर मांगा गया है. 

थोड़ा सा शब्दों का फेर है. हमारी फैकल्टी से कुछ शब्दों का चयन गलत हुआ. हमने उस प्रोडक्ट को परचेज किया ताकि बच्चे दुनिया भर की टेक्नोलॉजी करे जानें. वो बच्चों के रिसर्च और डवलपमेंट के लिए परचेज किया गया था. गलती हुई है. हमने खेद भी प्रकट किया है. हम जिम्मेदार यूनिवर्सिटी हैं. हमने उनसे सोकॉज नोटिस मांगा है. हमने उनसे पूछा है कि ये गलती क्यों की गई.

वहां पर AI के एक्सपर्ट प्रोफेयर थे, बच्चे थे पर मीडिया बाइट उनसे ली गई. टेक्नीकल जानकारी उनको नहीं थी. टेक्निकल जानकारी उनसे ली गई जिससे गलती हुई. यहां बच्चे सीखते हैं. किताबें भी विदेशों की पढ़ते हैं. ऐसा नहीं है कि सारी भारतीय किताबें की पढ़ते हैं. चीजें लाई जाती हैं..उनका स्टडी किया जाता है. उसके आधार पर देखा जाता है कि आगे कैसे बढ़ना है. 

यह भी पढ़ें...

थर्माकोल के ड्रोन के लेकर क्या बोले AI स्टूडेंट्स

एक छात्र ओम मिश्रा ने बताया कि वहां पर मिस कम्युनिकेशन हुआ है. यदि ये क्लेम करना होता है कि ये रोबा हमारा है तो बैजिंग भी यहां की देते. जबकि यहां की बैजिंग नहीं थी. बैचिंग चाइना की ही थी. यहां क्लीयरली बोला गया था कि बच्चों को सीखाने के लिए लाया गया था. हम ड्रोन डिपार्टमेंट की तरफ से वो ड्रोन लेकर गए थे जिसे हम शोकेस करते हैं. हम ये दिखा रहे थे कि हमने ऐसे ड्रोन बनाए हैं.

वहां पर जो रखा था वो मॉडल था. हम ओरिजिनल चीज वहां नहीं लेकर जाते हैं ताकि कोई डैमेज न कर दे. हमने प्लेन बनाया है और उड़ाया भी है. इसी प्लेन का वो मॉडल था. शक्या सिंह ने कहा कि वो ड्रोन हमारा नहीं है तो इसका मतलब ये नहीं हुआ कि ये यूनिवर्सिटी बेकार है. गलगोटिया में कुछ भी फेक नहीं सिखाया जाता है.

यह खबर भी पढ़ें: गलगोटिया यूनिवर्सिटी का 'चीनी' रोबोट डॉग: नेहा सिंह की सफाई और सोशल मीडिया पर मचा बवाल

    follow on google news