PIB Fact Check: क्या मोहन भागवत ने नरेंद्र मोदी को भारतीय सेना के भगवाकरण का दिया आदेश? जानिए वायरल वीडियो की सच्चाई
PIB Fact Check: सोशल मीडिया पर मोहन भागवत का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें भारतीय सेना के भगवाकरण को लेकर बयान का दावा किया गया. हालांकि PIB Fact Check ने जांच में इसे फर्जी और डिजिटल रूप से एडिटेड बताया है. जानिए वायरल वीडियो की पूरी सच्चाई.

सोशल मीडिया पर हाल के दिनों में एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. यह वीडियो किसी आम इंसान का नहीं बल्कि संघ प्रमुख मोहन भागवत का है जिसमें वह भारतीय सेना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अपनी बात रख रहें है. वायरल वीडियो क्लिप में मोहन भागवत कहते दिख रहे है कि उन्होंने मोदी को भारतीय सेना को पवित्र करना का आदेश दिया है. लेकिन इसी बीच भारत सरकार की प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने इस वायरल वीडियो की जांच की जिसमें वह फर्जी पाया गया है. PIB ने फैक्ट चेक करते हुए इसे भ्रामक बताया है. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी कहानी.
पहले जानिए वायरल वीडियो में क्या कुछ?
सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत एक मंच से भाषण देते दिख रहे है. इसी दौरान वे कहते है कि, 'हमने मोदी को अपना फैसला कि अगर भारत की सेना को पवित्र रखना है तो उसे भगवाकरण(saffronize) करना होगा. भारतीय सेना से उन सभी अछूतों को निकालना होगा जो हमारी सेना को अंदर से खोंखला कर रहे है. मोदी ने मेरे घुटने पकड़कर कहा कि उन पर दबाव है, लेकिन मैंने साफ कह दिया है कि अगर तुम 2028 तक भारतीय सेना से 50 प्रतिशत से ज्यादा गैर-जाति हिंदुओं को नहीं निकालते तो समझ लो की मोदी जाएगा और योगी आएगा.' लेकिन असल में यह एक फेक वीडियो है.
PIB फैक्ट चेक में खुली पोल
अब इस वायरल वीडियो का फैक्ट चेक करते हुए PIB Fact Check ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा है कि, 'मोहन भागवत का एक डिजिटली मैनिपुलेट किया हुआ वीडियो ऑनलाइन इस झूठे दावे के साथ शेयर हो रहा है कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भारतीय सेना का भगवाकरण करने और सेना से 50% गैर-जाति हिंदुओं को हटाने की अपील की है.' इसके साथ ही उन्होंने असल वीडियो लिंक भी दिया है.
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वीडियो का क्या है सोर्स?
PIB ने जो ओरिजिनल वीडियो का लिंक शेयर किया है वह लगभग एक महीने पुरानी है. ओरिजिनल वीडियो में संघ प्रमुख मोहन भागवत कहते है कि, संघ के सदस्य आज अलग-अलग संगठनों में काम कर रहे है. तो कुछ लोग पॉलिटिक्स में है और सत्ता में भी है. तो कई लोगों की यह प्रवृति रही है कि संघ को बीजेपी द्वारा समझना तो यह बहुत बड़ी गलती होगी. संघ को समझना है तो संघ को देखना पड़ेगा और महसूस करने पर ही समझ आएगा.
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