'जितनों ने साथ फोटो खिंचवाई, उतनों ने भी नहीं दिया वोट', बिहार चुनाव में हार के बाद पीके का छलका दर्द, वीडियो वायरल

Prashant Kishor video viral: प्रशांत किशोर ने जन सुराज की चुनावी हार के बाद कार्यकर्ताओं के बीच अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. बिहार विधानसभा चुनाव में 17 लाख वोट मिलने के बावजूद सीट न मिलने, पदयात्रा पार्ट-2 और संभावित गठबंधन की रणनीति पर पीके के बयान ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है. जानिए पूरा मामला.

Prashant Kishor viral video
प्रशांत किशोर का छलका दर्द, वीडियो वायरल
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जन सुराज के सूत्रधार और राजनीतिक रणनीतिकार से खुद राजनेता बने प्रशांत किशोर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद उनका दर्द साफ झलक रहा है. पीके ने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच बड़ी ही बेबाकी से कहा कि बिहार में पदयात्रा के दौरान जितने लोगों ने उनके साथ बैठकर फोटो खिंचवाई थी, उन लोगों ने भी जन सुराज को वोट नहीं दिया. इसके अलावा भी पीके ने कई बातें कही है. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी बात.

'सब कहते हैं हमने ही काम किया, तो फिर...'

प्रशांत किशोर ने अपने वायरल वीडियो में कहा, 'किसके पास प्रमाण है कि कौन ईमानदारी से काम कर रहा था? जितने लोग हमारे साथ फोटो खींचते हैं, उतना वोट नहीं मिला और हर आदमी यही कह रहा है कि भैया हमने ही किया है, दूसरा नहीं किया. इन बातों का कोई मतलब नहीं है.' पीके का यह बयान उन कार्यकर्ताओं की ओर इशारा करता है जो चुनाव के दौरान जीत का दावा तो कर रहे थे, लेकिन परिणाम आने पर हकीकत कुछ और ही निकली.

17 लाख वोट, लेकिन खाता भी नहीं खुला

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने बड़ी उम्मीदों के साथ अपने उम्मीदवार उतारे थे. पीके ने गरीबी, पलायन और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर करीब 3 साल तक बिहार के जिलों का दौरा किया और पदयात्रा की. हालांकि, जन सुराज को करीब 17 लाख वोट जरूर मिले, लेकिन उनका एक भी उम्मीदवार चुनाव जीतने में सफल नहीं हो सका. पीके ने इस असफलता के लिए जनता से माफी भी मांगी थी और स्वीकार किया था कि वे उनकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए.

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पदयात्रा 'पार्ट टू' और संगठन का नया ढांचा

हार के बावजूद प्रशांत किशोर ने मैदान नहीं छोड़ा है. उन्होंने अपनी पदयात्रा का दूसरा चरण शुरू कर दिया है और एक बार फिर जमीन पर उतरकर लोगों से संवाद कर रहे हैं. पीके अब नए सिरे से संगठन की मजबूती पर काम कर रहे हैं. माना जा रहा है कि टिकट बंटवारे के दौरान हुई नाराजगी और संगठन के विस्तार में कमी को दूर करने के लिए वे जन सुराज को एक नया स्ट्रक्चर (ढांचा) देने की कोशिश कर रहे हैं.

क्या गठबंधन की राह पर हैं पीके?

राजनीतिक गलियारों में यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि आने वाले समय में प्रशांत किशोर अपनी रणनीति बदल सकते हैं. चर्चा है कि वे कांग्रेस जैसे दलों के साथ गठबंधन कर सकते हैं, क्योंकि उनके नेताओं ने संकेत दिए हैं कि उन्हें गठबंधन की राजनीति से परहेज नहीं है. फिलहाल, पीके बिहार की धरती पर डटे रहने और मुद्दों के जरिए सरकार को घेरने की अपनी नीति पर कायम हैं.

यहां देखें वीडियो

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