PWD में नौकरी का लालच देकर 8 साल तक करता रहा दुष्कर्म, दुर्ग में 6 रसूखदारों ने लड़की को बनाया हवस का शिकार

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक नाबालिग से आठ साल तक कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है. शिकायत के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है.

छत्तीसगढ़ में दुष्कर्म का मामला
छत्तीसगढ़ में दुष्कर्म का मामला
social share
google news

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक नाबालिग लड़की के साथ करीब आठ साल तक सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगा है. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आज यानी 7 फरवरी को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिसमें से मुख्य आरोपी भी शामिल है. जबकि तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं.

जानकारी के मुताबिक, 30 जनवरी 2026 को पीड़िता अपनी मां के साथ दुर्ग के महिला थाने पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई. पीड़िता ने बताया कि साल 2018 में जब वह महज 14 साल की थी. उसी दौरान उसके साथ पहली बार दुष्कर्म हुआ. इसके बाद साल 2025 तक अलग-अलग मौकों पर छह आरोपियों ने मिलकर उसका शोषण किया.

विरोध करने पर देता था धमकी

पीड़िता का आरोप है कि जब उसने विरोध किया तो आरोपियों ने उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी. साथ ही पीडब्ल्यूडी में नौकरी दिलाने का लालच देकर उसे लगातार डराया-धमकाया जाता रहा. आरोपियों के अत्याचार से वह मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर हो गई थी, लेकिन आखिरकार हिम्मत जुटाकर उसने परिजनों को पूरी बात बताई और पुलिस तक पहुंची.

यह भी पढ़ें...

पीडब्ल्यूडी का कर्मचारी भी था शामिल

शिकायत में यह भी कहा गया है कि पीडब्ल्यूडी में टाइमकीपर के पद पर कार्यरत कृपा शंकर कश्यप उर्फ राजू ने उसे डेली वेज पर नौकरी दिलाने का वादा किया था. इसी बहाने उसने दुष्कर्म किया और कथित तौर पर अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी भी दी. आरोप है कि उसने अपने परिचितों के साथ मिलकर रेस्ट हाउस सहित दुर्ग के अलग-अलग स्थानों पर सामूहिक दुष्कर्म किया.

मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1), 70(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 व 12 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जांच के दौरान पुलिस ने विजय स्वाइन, अनिल चौधरी और गोविंद सिंह नागवंशी को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार कर लिया है.

दुर्ग पुलिस के एएसपी और प्रवक्ता मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि युवती पहले पीडब्ल्यूडी विभाग में काम करती थी, जहां उसकी आरोपियों से पहचान हुई. घटना सामने आते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और पहले दो तथा बाद में एक आरोपी को गिरफ्तार किया. फरार तीन आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं. 

रसूख के कारण ही पीड़िता नहीं करा सकी शिकायत दर्ज

फिलहाल मुख्य आरोपी कृपा शंकर कश्यप, बी.एन. पांडेय और संजय पंडित फरार बताए जा रहे हैं. आशंका जताई जा रही है कि वे जमानत की कोशिश में जिले से बाहर चले गए हैं. बताया जा रहा है कि कृपा शंकर कश्यप भिलाई टाउनशिप के सेक्टर-5 स्थित एक मंदिर का संरक्षक भी है और वहां भी उसकी गतिविधियों को लेकर चर्चा होती रही है. 

वहीं, बी.एन. पांडेय ने अपने फेसबुक प्रोफाइल में खुद को दुर्ग सांसद विजय बघेल और पूर्व मंत्री स्वर्गीय हेमचंद्र यादव का पीए बताया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कथित रसूख के कारण ही पीड़िता लंबे समय तक शिकायत दर्ज नहीं करा सकी. इलाके में यह भी चर्चा है कि आरोपियों का एक संगठित नेटवर्क है, जो पीडब्ल्यूडी और नगर निगम से जुड़े ठेकों में दखल रखता है और अधिकारियों के पैसों को ब्याज पर चलाने का काम करता है.

पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है.

ये भी पढ़ें: रायगढ़: टायर पिघलाने वाली फैक्ट्री में बड़ा हादसा, सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण 8 झुलसे, लापरवाही पर दो मैनेजरों के खिलाफ केस

    follow on google news