कौन हैं वंगलापुडी अनीता जो आंध्र की राजनीति में चंद्रबाबू नायडू के लिए बनीं हथियार!

आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री वंगलपुडी अनिता लगातार सख्त पुलिस और कानूनी कार्रवाई से जगन मोहन रेड्डी खेमे पर दबाव बना रही हैं, जिससे राज्य की राजनीति में टकराव तेज हो गया है. एक साधारण टीचर से ‘आयरन लेडी’ तक का उनका सफर और नायडू का भरोसा उन्हें प्रदेश की सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल कर रहा है.

वंगलापुडी अनीता
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सत्ता नशे की तरह होती है. जब होती है जब पता नहीं होता कि कब तक रहेगी. जब जगन मोहन रेड्डी आंध्र प्रदेश के सीएम थे तब उन्होंने पावर का इस्तेमाल करते हुए चंद्रबाबू नायडू को जेल में डाल दिया था. वक्त पलटा. जेल से निकलकर चंद्रबाबू सीधे सत्ता में लौटे. अब जगन रेड्डी से हर अपमान, अत्याचार का बदला ले रहे हैं. सीएम बनने के बाद चंद्रबाबू नायडू खुद को आंध्र के सीईओ के रोल में आ गए हैं. कानून से आंध्र चलाने और टीम जगन रेड्डी पर नकेल कसने के लिए फ्री हैंड दिया हुआ है गृह मंत्री वंगलपुडी अनिता को. राज्यों में आम तौर पर सीएम ही गृह मंत्री होते हैं. चंद्रबाबू ने बड़ा रिस्क लेते ये काम अनिता को सौंपा.इस समय अनिता देश की अकेली ऐसी गृह मंत्री हैं जो महिला हैं. सिर्फ 10 साल की राजनीति में अनिता ने खुद को न केवल चंद्रबाबू नायडू की गुड-बुक्स में शामिल कराया बल्कि डिप्टी सीएम पवन कल्याण और नारा लोकेश से भी ज्यादा पावरफुल हैं. 

नवंबर में पवन कल्याण हावी होने की कोशिश करते हुए कह गए कि अगर आप कानून-व्यवस्था नहीं संभाल पा रही हैं, तो मुझे गृह मंत्रालय लेना पड़ेगा. अनिता ने पवन कल्याण का सपना पूरा नहीं होने दिया. वो सारे फेवरेट काम कर दिए जो चंद्रबाबू और टीडीपी के कलेजे को ठंडक पहुंचाते हैं. आंध्र में जिसे चंद्रबाबू वर्सेज जगन रेड्डी कहा जा रहा है असल में  वंगलपुडी अनिता वर्सेज जगन रेड्डी चल रहा है. उनके काम का तरीका आंख के बदले आंख वाला है. वे जगन रेड्डी के हर राजनीतिक हमले का जवाब पुलिसिया कार्रवाई और कानूनी सबूतों से दे रही हैं. इसीलिए अनिता वायरल भी हैं और बवाल का कारण भी. 

100 से ज्यादा एफआईआर

आंध्र प्रदेश में सरकार की अदला-बदली हुए डेढ साल हो गए लेकिन टीडीपी-वाईएसआरसीपी के बीच जंग थम नहीं रही है. जगन रेड्डी के करीबी और जल संसाधन मंत्री रहे अंबाती रामबाबू की गिरफ्तारी से बहुत हंगामा हो रहा है. आंध्र प्रदेश की राजनीति में इस समय अंबाती रामबाबू की गिरफ्तारी और उसके बाद भड़की सियासी हिंसा ने पूरे राज्य को पॉलिटिकल वॉर जोन में बदल दिया है. पिछले एक-डेढ़ साल में आधा दर्जन जगन के करीबी नेता गिरफ्तार हुए. 100 से ज्यादा एफआईआर हो चुकी है. आंध्र में कोई ईडी, सीबीआई का एक्शन नहीं हो रहा है. जो कर रही है वो आंध्र पुलिस, सीआईडी कर रही है मतलब जो हो रहा है वो सब सरकार के कहने पर हो रहा है.  ये सब पहली बार नहीं हुआ. सरकार बदलने के बाद वाईएसआरपीसी सांसद पी.वी. मिधुन रेड्डी को शराब घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया. पूर्व सांसद नंदीगाम सुरेश, पिनेली रामकृष्ण रेड्डी भी जेल में डाले गए. YSRCP के सोशल मीडिया सेल पर बड़ा एक्शन लेते हुए 100 से अधिक मामले दर्ज किए गए 

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गृह मंत्री का चार्ज लेते अनिता ने लाइन क्लियर कर दी कि पिछले 5 सालों में  TDP पर जितने अत्याचार हुए, उसके दोषियों को कानून का सामना करना पड़ेगा. कोई कितना भी बड़ा नेता हो, अपराधियों के लिए कोई माफी नहीं. ऐसे बयानों को सीधे जगन रेड्डी के लिए वॉर्निंग माना गया. सबसे ताजा एक्शन ये हुआ जब एक फरवरी को जगन के करीबी और पूर्व जल संसाधन मंत्री अंबाती रामबाबू को पुलिस घर से उठाकर ले गई. तिरुपति लड्डू विवाद को लेकर रामबाबू ने सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ 'बेहद अपमानजनक और अभद्र' भाषा का इस्तेमाल किया था जिसे अनिता ने बर्दाश्त नहीं किया. दलित समुदाय से आने के कारण, सरकार का ऐसा चेहरा हैं जो जगन मोहन रेड्डी के दलित विरोधी आरोपों को काटती हैं. महिलाओं के खिलाफ और गाली गलौज जैसे अपराधों पर 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही हैं. अनिता की दहाड़ विधानसभा में सुनाई देती है और विपक्ष में भी खलबली मची है. 

आयरन लेडी के नाम से जानी जाती हैं

YSRCP के खिलाफ हो रहे तगड़े एक्शन से उन्हें आयरन लेडी पुकारा जा रहा है. डिपार्टमेंट की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम को  आदेश है कि YSRCP के 'डिजिटल आर्मी' के हर उस सदस्य को ट्रैक किया जाए जो सीएम या मंत्रियों के खिलाफ 'मॉर्फ्ड यानी छेड़छाड़ की गई तस्वीरें या अश्लील भाषा का इस्तेमाल कर रहा है. पुलिस को 'फ्री हैंड देकर  अनिता ने कहा  अब पुलिस को FIR दर्ज करने के लिए मंत्रियों के फोन कॉल का इंतजार करने की जरूरत नहीं है. एक साधारण टीचर से लेकर राज्य की सबसे शक्तिशाली मंत्री बनने तक की उनकी ये दास्तां बेहद दिलचस्प है. राजनीति में आने से पहले अनिता एक सरकारी स्कूल में टीचर थीं. उनके पास MA, M.Ed की डिग्री है. वंगालापुडी अनिता के राजनीति में आने की कहानी उनके जुझारू स्वभाव से जुड़ी है. कहा जाता है कि स्कूल की समस्याओं को लेकर जब स्थानीय राजनेताओं के पास गईं और उन्हें टकराया गया. उन्होंने सिस्टम में आकर सिस्टम बदलने की कसम खाई. 2014 में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) में शामिल हुईं. चंद्रबाबू नायडू ने  पायकाराओपेटा से टिकट दिया, जहां से पहली बार विधायक चुनी गईं. 2019 में हार हुई लेकिन 2024 में दूसरी बार जीतने पर सीधे गृह मंत्री का पद मिला.

महिलाओं के बीच टीडीपी का बनी चेहरा

अनिता को नायडू के सबसे वफादार सिपाहियों में गिना जाता है. 2019 में TDP की करारी हार हुई थी. बुरा समय आने पर कई बड़े नेता चंद्रबाबू को छोड़कर जा रहे थे. तब  अनिता मजबूती से खड़ी रहीं. विपक्ष में रहते हुए सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक नायडू के लिए जोरदार बैटिंग की. नायडू का भरोसा बढ़ता गया. नायडू ने TDP की महिला विंग की अध्यक्ष बनाया. महिलाओं के बीच टीडीपी का चेहरा बनी. जिससे नायडू को महिला वोट बैंक के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिली. 2018 में जब तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) बोर्ड में नियुक्ति को लेकर विवाद हुआ, तो उन्होंने नायडू या सरकार को किसी मुश्किल में डालने के बजाय खुद ही अपना नाम वापस ले लिया. चंद्रबाबू  इस सेल्फलेस यानी निस्वार्थ राजनीति से प्रभावित हुए. गृह मंत्री बनाकर नायडू ने एक तीर से दो निशाने साधे-एक तो युवा और शिक्षित नेतृत्व को मौका दिया और दूसरा, दलित समाज को एक बड़ा संदेश भेजा. अनिता की निडरता, वफादारी और नायडू के प्रति सम्मान ने उन्हें आंध्र में पावरफुल बना दिया. 

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