इंदौर की जहरीले पानी से मौतों पर AAP का अलर्ट, दिल्ली समेत बड़े शहरों को बताया खतरे में
इंदौर में जहरीला पानी पीने से हुई मौतों के बाद आम आदमी पार्टी ने दिल्ली समेत बड़े शहरों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है. AAP नेताओं ने भाजपा सरकारों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए देशभर में पानी की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी बनाने की मांग की है.

बीजेपी शासित मध्य प्रदेश के इंदौर में जहरीला पानी पीने से हुई मौतों के बाद अब यह मामला देशभर के बड़े शहरों तक चर्चा का विषय बन गया है. आम आदमी पार्टी ने इस घटना को लेकर दिल्ली के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि पानी की गुणवत्ता को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है.
नई दिल्ली में 2 जनवरी 2026 को आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि इंदौर की घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक बड़ी चेतावनी है. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश समेत देश के ज्यादातर बड़े शहरों में भाजपा की सरकारें हैं और इंदौर में जो लापरवाही सामने आई है, वैसी स्थिति दूसरे शहरों में भी बन सकती है.
अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि इंदौर में नगर निगम से लेकर राज्य सरकार तक सभी जिम्मेदार पदों पर भाजपा है, फिर भी गंदा पानी पीने से 14 लोगों की जान चली गई और सैकड़ों लोग बीमार पड़े हैं. उन्होंने कहा कि बीमारों की संख्या अभी और बढ़ सकती है, लेकिन इसके बावजूद सरकार की तरफ से संवेदनशीलता नजर नहीं आती.
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अपशब्द पर उतर आएं मंत्री
उन्होंने यह भी कहा कि जब भाजपा सरकार की नाकामी पर सवाल पूछे जाते हैं तो मंत्री अपशब्दों पर उतर आते हैं, जिससे साफ जाहिर होता है कि उन्हें आम लोगों की जिंदगी की कोई परवाह नहीं है.
AAP नेता ने दिल्ली की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि अब दिल्ली में भी भाजपा की सरकार है और केंद्र व एमसीडी में भी वही सत्ता में है, ऐसे में दिल्लीवासियों को अपने घरों में आने वाले पानी को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि इंदौर जैसा संकट यहां भी पैदा हो सकता है.
उन्होंने मांग की कि देश के सभी बड़े शहरों में पीने के पानी और सीवेज सिस्टम की जांच के लिए एक केंद्रीय जांच एजेंसी बनाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी शहर को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े.
पानी में एसिड जैसी गंध
वहीं पार्टी की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि जिस इलाके में लोग मरे, वहां के लोग पिछले दो साल से लगातार शिकायत कर रहे थे कि उनके घरों में जहरीला और सीवर मिला पानी आ रहा है. यहां तक कि लोगों ने पानी में एसिड जैसी गंध होने की भी बात लिखित रूप से बताई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया.
प्रियंका कक्कड़ ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग मरे, वे भी हिंदू ही थे, लेकिन क्या उनकी चीखें प्रधानमंत्री तक नहीं पहुंचीं? उन्होंने पूछा कि अब तक किसी की जिम्मेदारी तय क्यों नहीं हुई और किसी का इस्तीफा क्यों नहीं हुआ.
उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार विकसित भारत की बात करती है और दूसरी तरफ लोग जहरीले पानी और जहरीली हवा से मर रहे हैं. उनके मुताबिक भाजपा की पूरी ऊर्जा सिर्फ राजनीति, तोड़फोड़ और विरोधियों पर केस बनाने में लगी है, जबकि शासन के स्तर पर वह पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है.










