सरकार की अग्निपथ योजना एक बार फिर चर्चा में है। इस बार अग्निवीर की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि पूर्व आमी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने अपनी नई किताब ‘फॉर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ में इसे लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। विपक्ष कई बार इस मुद्दे को उठाता रहा है। पूर्व आर्मी चीफ ने अपनी नई किताब में अग्निपथ योजना के शुरू होने की पूरी कहानी बताई है। जनरल नरवणे ने बताया कि उनके प्रमुख बनने के कुछ हफ्तों बाद ही पीएम मोदी के साथ उनकी एक बैठक हुई थी। अपनी किताब में नरवणे ने बताया कि अग्निपथ योजना के लिए कई मॉडलों पर विचार किया गया था। सेना का शुरुआती विचार ये था कि इस योजना के तहत भर्ती किए जाने वाले 75% कर्मचारियों को सेना में ही नौकरी करते रहना चाहिए। वहीं, 25% कर्मचारियों को अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद निकाल दिया जाना चाहिए।