राहुल गांधी ने नरवणे की कथित बुक का जिक्र कर ऐसा क्या कहा कि खड़े हो गए शाह और राजनाथ सिंह, सदन में हो गया हंगामा

Rahul Gandhi in Parliament: संसद के बजट सत्र के चौथे दिन लोकसभा में डोकलाम में कथित चीनी घुसपैठ को लेकर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान राहुल गांधी के आरोपों ने माहौल गरमा दिया. सत्ता पक्ष के तीखे जवाब और नारेबाजी के बीच स्पीकर को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.

Rahul Gandhi speech in Parliament
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Rahul Gandhi speech in Parliament: संसद के बजट सत्र का चौथा दिन खूब हंगामा हुआ, ऐसे में सदन को 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. आपको बात दें कि  बजट सत्र की शुरुआत 29 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ हुई थी. वहीं इसके दूसरे दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वे पेश किया. फिर इसके तीसरे दिन 1 फरवरी को वित्त मंत्री ने देश का आम बजट पेश किया था. ऐसे में आज बजट सत्र का चौथा दिन था.

सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने डोकलाम में कथित चीनी घुसपैठ का मुद्दा छेड़ दिया. इससे सदन का तापमान बढ़ गया. राहुल गांधी के आरोपों पर सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने मोर्चा संभाला. लगभग 45 मिनट तक चले इस घमासान के कारण लोकसभा की कार्यवाही को बीच में ही रोकना पड़ा. 

क्यों हुआ पूरा विवाद?

 दरअसल, सदन में राहुल गांधी ने इंडियन आर्मी के पूर्व चीफ मनोज मुकुंद नरवणे की किताब का जिक्र करते हुए दावा किया की चीन की सेना भारत की सीमा में घुस रही है. सदन में राहुल गांधी के इस बयान के बाद हंगामा शुरू हो गया. इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. चर्चा के दौरान राजनाथ सिंह ने नेता विपक्ष राहुल गांधी के द्वारा सदन में एक मैगजिन को Quote करने पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि ये सदन के नियमों के खिलाफ है. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि उनका स्रोत प्रामाणिक है और इसमें पूर्व सेना जनरल के अप्रकाशित संस्मरणों के Quote को शामिल किया गया है. राहुल गांधी ने एमएम नरवणे की रिपोर्ट का हवाला दिया और कहा कि चीनी सेना के टैंक भारतीय सीमा के पास आए, चीन की सेना भारतीय क्षेत्र में घुसी. उसके 4 टैंक भारतीय सीमा में घुस रहे थे और कैलाश रिज पर चढ़ रहे थे.

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राजनाथ सिंह और अमित शाह का करारा जवाब

विपक्ष के नेता के आरोपों पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तुरंत आपत्ति जताई. उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि वे इतने गंभीर आरोप किस आधार पर लगा रहे हैं? राजनाथ सिंह ने कहा कि बिना किसी पुख्ता प्रमाण के सदन में ऐसी बातें नहीं की जानी चाहिए. वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने सवाल किया कि जो किताब छपी ही नहीं उसका संदर्भ सदन में कैसे दिया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इसमें तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है.

तेजस्वी सूर्या और देशभक्ति पर बहस

सदन में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या पर भी निशाना साधा. राहुल ने आरोप लगाया कि तेजस्वी ने विपक्ष की देशभक्ति पर सवाल उठाए हैं. इस पर अमित शाह ने स्पष्ट किया कि तेजस्वी सूर्या ने ऐसा कुछ नहीं कहा. गृह मंत्री ने राहुल पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया और चर्चा को नियमों के दायरे में रखने की बात कही.

स्पीकर ओम बिरला की सख्त हिदायत

हंगामे को बढ़ता देख लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने नियमों का हवाला दिया. उन्होंने  कहा कि संसद की परंपरा के अनुसार किसी भी अप्रकाशित सामग्री, किताब या अखबार का हवाला सदन में नहीं दिया जा सकता. स्पीकर ने ये भी साफ किया कि भले ही कोई किताब बाजार में आ गई हो फिर भी उसे पढ़कर सुनाना नियमों के विरुद्ध है. उन्होंने सभी सदस्यों को भविष्य के लिए सचेत रहने का निर्देश दिया.

अखिलेश यादव का समर्थन और सदन की कार्यवाही

राहुल गांधी के भाषण के दौरान जब विवाद बढ़ा तो समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव भी उनके समर्थन में खड़े नजर आए. हालांकि, उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ती नारेबाजी और शोर-शराबे को देखते हुए स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को स्थगित करने का फैसला लिया. राहुल गांधी अपनी बात पर अड़े रहे और सरकार पर पारदर्शिता की कमी के आरोप लगाते रहे.

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