सेम सेक्स मैरेज़ को सुप्रीम कोर्ट की ना! मामला अब संसद के पाले में, जानिए इस पूरे केस को

समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने की याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने फैसला सुना दिया. बेंच ने 3-2 की सहमति से समलैंगिक शादियों को कानूनी मान्यता नहीं देने का फैसला किया है. चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि न्यायालय कानून नहीं बना सकता.

ADVERTISEMENT

LGBTQ
LGBTQ
google news

समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने की याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने फैसला सुना दिया. बेंच ने 3-2 की सहमति से समलैंगिक शादियों को कानूनी मान्यता नहीं देने का फैसला किया है. चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि न्यायालय कानून नहीं बना सकता, बल्कि उनकी केवल व्याख्या कर सकता है और विशेष विवाह अधिनियम में बदलाव करना संसद का काम है. समलैंगिक जोड़ों के बच्चे गोद लेने के अधिकार से रोकने के नियम को भी 3:2 के बहुमत से बरकरार रखा है. हालांकि फैसले में सरकारों को समलैंगिक जोड़ों के लिए उचित कदम उठाने का आदेश भी दिया गया है.