छात्र राजनीति से कैबिनेट तक, कौन थे हेम सिंह भड़ाना, जिनके निधन से राजस्थान शोक में

पूर्व कैबिनेट मंत्री हेम सिंह भड़ाना का कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद निधन हो गया, जिससे राजस्थान की राजनीति में शोक का माहौल है. छात्र राजनीति से शुरुआत कर कैबिनेट तक पहुंचे भड़ाना को जमीन से जुड़े नेता के रूप में याद किया जा रहा है.

पूर्व कैबिनेट मंत्री हेमसिंह भड़ाना
पूर्व कैबिनेट मंत्री हेमसिंह भड़ाना
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राजस्थान की राजनीति से सोमवार सुबह 7 बजे एक बेहद दुखद खबर आई. दरअसल पूर्व कैबिनेट मंत्री हेम सिंह भड़ाना का निधन हो गया. वे पिछले लगभग पांच महीनों से कैंसर से लड़ रहे थे और एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर फैलते ही अलवर समेत पूरे प्रदेश के राजनीतिक माहौल में शोक छा गया.

छात्र राजनीति से की थी करियर की शुरुआत 

हेम सिंह भड़ाना का राजनीतिक सफर संघर्ष और मेहनत की मिसाल माना जाता है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी. युवाओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ धीरे-धीरे उन्हें मुख्यधारा की राजनीति तक ले आई. उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वे थानागाजी विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर दो बार विधायक चुने गए.

वसुंधरा राजे की सरकार के दौरान उनके काम और सक्रियता को देखते हुए उन्हें पहले राज्य मंत्री बनाया गया. बाद में उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी भी सौंपी गई. सरकार में रहते हुए उन्होंने अपने क्षेत्र के विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान पर खास ध्यान दिया. 

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थानागाजी से रहा लगाव 

भड़ाना की पहचान एक साफ बोलने वाले और जमीन से जुड़े नेता के रूप में थी. वे भले ही अलवर शहर में रहते थे, लेकिन थानागाजी से उनका लगाव हमेशा बना रहा. स्थानीय लोगों का कहना है कि मंत्री बनने के बाद भी उन्होंने गांवों का दौरा करना नहीं छोड़ा. यहां तक कि कैंसर जैसी बीमारी का पता चलने के बाद भी तकलीफ के बावजूद वे लोगों से मिलते रहे और उनकी समस्याएं सुनते रहे. 

किशनगढ़बास के रहने वाले हैं हेम सिंह भड़ाना 

मूल रूप से किशनगढ़बास के बघेरी गांव के रहने वाले हेम सिंह भड़ाना का घर अलवर के वीरसावरकर नगर में था. परिवार में उनके दो बेटे हैं. एक बेटा कारोबार संभाल रहा है जबकि दूसरे बेटे सुरेंद्र भड़ाना राजनीति में सक्रिय हैं और अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं. साल 2023 के विधानसभा चुनाव में सुरेंद्र भड़ाना बेहद कम अंतर से हार गए थे लेकिन क्षेत्र में उनका जनसंपर्क अब भी मजबूत माना जाता है. 

अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं

आज उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं. उनके सम्मान में राजस्थान बीजेपी ने अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं. हेम सिंह भड़ाना का निधन न केवल एक राजनीतिक दल के लिए बल्कि थानागाजी और आसपास के लोगों के लिए व्यक्तिगत क्षति जैसा महसूस किया जा रहा है. उनके काम, व्यवहार और जनता से जुड़ाव को लंबे समय तक याद किया जाएगा.

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