'मैं तांडव कर दूंगी, खुद नकल करवाऊंगी, रोक सको तो रोक लो!' सीकर में परीक्षा के बीच भिड़ीं दो महिला टीचर्स, दोनों सस्पेंड

Sikar school viral video: राजस्थान के सीकर जिले के भड़ऊ स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बोर्ड परीक्षा के दौरान दो महिला शिक्षिकाओं के बीच नकल को लेकर तीखा विवाद हो गया. वायरल वीडियो में एक शिक्षिका खुली चुनौती देती दिखी- 'मैं नकल करवाऊंगी, रोक सको तो रोक लो!' जानिए पूरा विवाद, जांच रिपोर्ट और विभागीय एक्शन की डिटेल.

Sikar school viral video
Sikar school viral video
social share
google news

राजस्थान के सीकर जिले से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाला एक वीडियो सामने आया है. यहां एक सरकारी स्कूल में बोर्ड परीक्षा के दौरान दो महिला शिक्षिकाएं आपस में भिड़ गईं. विवाद इतना बढ़ गया कि एक शिक्षिका ने सरेआम चुनौती दे डाली कि वह खुद नकल करवाएगी और जिसे रोकना है रोक ले. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों शिक्षिकाओं को निलंबित कर दिया है.

'नकल कराऊंगी, रोक लेना तुम': वायरल वीडियो का सच

पूरा मामला सीकर के भड़ऊ स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का है. वायरल वीडियो में भूगोल की टीचर बबीता और राजनीति विज्ञान की टीचर सुमन के बीच तीखी बहस होती दिख रही है. वीडियो में एक पक्ष नकल रोकने की बात कह रहा है, तो दूसरी टीचर गुस्से में चिल्लाते हुए कह रही है, 'मेरा जी जचा तो मैं नकल करवाऊंगी... रोक लेना तुम, काम हुआ नहीं पेपर दो.' शिक्षिका यहां तक कह देती है कि वह तांडव कर देगी.

शिक्षा विभाग का कड़ा एक्शन: पूरा स्टाफ बदला

मामले की गंभीरता को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने कड़ा रुख अपनाया है. जांच कमेटी की रिपोर्ट में लापरवाही और अनुशासनहीनता की पुष्टि होने के बाद दोनों शिक्षिकाओं, सुमन और बबीता को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. निलंबन अवधि के दौरान इनका मुख्यालय बीकानेर रखा गया है. विभाग ने न केवल इन दोनों पर कार्रवाई की, बल्कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए स्कूल के पूरे परीक्षा स्टाफ को ही बदल दिया है.

यह भी पढ़ें...

छात्र संगठनों का विरोध और राजनीतिक उबाल

इस घटना के बाद छात्र संगठन एसएफआई (SFI) ने मोर्चा खोल दिया है. संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र ढाका ने आरोप लगाया कि राज्य के स्कूलों में नकल का खेल चल रहा है. उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी थी, जिसके बाद प्रशासन और शिक्षा विभाग हरकत में आया.

मर्यादा और छवि पर उठा सवाल

शिक्षा विभाग का मानना है कि बोर्ड परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य के दौरान इस तरह का व्यवहार न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे विभाग की छवि भी धूमिल हुई है. हालांकि, प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि यह वीडियो परीक्षा के ठीक समय का नहीं, बल्कि दोपहर करीब 1:30 बजे का है, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद शिक्षकों का ऐसा आचरण किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है.

यहां देखें वीडियो

यह खबर भी पढ़ें: कांग्रेस का बड़ा फैसला: अब NSUI की कमान संभालेंगे सचिन पायलट के करीबी विनोद जाखड़, वरुण चौधरी को दी विदाई

    follow on google news