कानपुर लेम्बोर्गिनी कांड: आरोपी शिवम मिश्रा के घर का गेट खटखटाती रही पुलिस, नहीं खुला तो खाली हाथ वापस लौटी
Kanpur Lamborghini Video: कानपुर लैंबोर्गिनी हादसे में पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच तेज कर दी है. पूछताछ के लिए पुलिस टीम जब उसके घर पहुंची तो दरवाजा नहीं खोला गया. इससे पहले FIR में नाम गायब रहने और घटना के बाद कथित वीआईपी ट्रीटमेंट मिलने के आरोपों को लेकर पुलिस पहले से ही सवालों के घेरे में है.

Kanpur Lamborghini Accident: कानपुर कार दुर्घटना मामले में मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा पर अब FIR दर्ज कर ली गई है. मामले में सोमवार को पुलिस की टीम पूछताछ के लिए उनके घर पहुंची. इस दौरान मौके पर मीडिया का जमावड़ा लगा रहा. इस दौरान दरोगा शैलेश कुमार पांडे करीब आधे घंटे तक शिवम के घर का दरवाजा खटखटाते रहे. लेकिन अंदर मौजूद लोगों ने गेट नहीं खोला. पुलिस टीम बाहर इंतजार करती रही और फिर कुछ देर बाद वापस लौट गई. बता दें की मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस अब एक्शन मोड में आ गई है. शुरुआत में पुलिस ने हादसे में दर्ज की गई FIR कॉपी में आरोपी शिवम मिश्रा का नाम नहीं जोड़ा था. लेकिन विवाद बढ़ने के बाद शिवम का नाम FIR में लिखा गया.
FIR में इसलिए नहीं था नाम
हालांकि, इस मामले में पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल का बयान भी समाने आया है. उन्होंने कहा कि शुरुआती एफआईआर में घायल व्यक्ति को चालक का नाम नहीं पता था, इसलिए अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी. उन्होंने कहा कि जांच में पता चला कि कार तंबाकू कारोबारी के. के. मिश्रा का बेटा शिवम मिश्रा चला रहा था. कमिश्नर ने बताया कि शिवम के किसी मेडिकल इश्यू यानी बीमारी की बात सामने आई है. इसकी सच्चाई जानने के लिए पुलिस टीम भेजी गई है. कमिश्नर ने माना कि हादसे के वक्त बाउंसरों ने शिवम को कार से निकाला था.
ड्रिंक एंड ड्राइव के आरोपों पर पुलिस की सफाई
हादसे के तुरंत बाद आरोपी को मौके से जाने देने और मेडिकल टेस्ट न कराने पर पुलिस की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है. जब पुलिस कमिश्नर से पूछा गया कि क्या शिवम ने शराब पी रखी थी और अब इसकी जांच कैसे होगी तो उन्होंने कहा कि ये सभी तथ्य विवेचना का हिस्सा हैं. हैरानी की बात ये है कि मामले में शुरू से ही पुलिस के अलग-अलग बयान देती रही. थाना इंचार्ज संतोष गौड़ पहले यही कहते रहे कि अभी विवेचना हो रही है रिपोर्ट में किसी का नाम नहीं है. लेकिन मीडिया में खबर आने के बाद दबाव बढ़ा तो फिर एक्शन शुरू हुआ.
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क्या था मामला?
गौरतलब है कि यह हादसा रविवार को ग्वालटोली इलाके के वीआईपी रोड पर हुआ था. तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी ने पहले एक ऑटो को टक्कर मारी और फिर सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिल को उड़ा दिया. टक्कर इतनी भीषण थी कि मोटरसाइकिल पर बैठा व्यक्ति करीब 10 फीट हवा में उछल गया. कार बाइक के अगले पहिए को घसीटते हुए खंभे से जा टकराई. चश्मदीदों का आरोप है कि मौके पर मौजूद शिवम के निजी बाउंसरों ने भीड़ के साथ बदतमीजी की और आरोपी को सुरक्षित निकाल ले गए. शिवम के पिता केके मिश्रा बंशीधर एक्सपोर्ट्स कंपनी के मालिक हैं और बड़े तंबाकू कारोबारी हैं.
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