ब्राह्मण बनाम दलित विवाद में नया मोड़, हिंसा से पहले का 'वायरल वीडियो' आया सामने; 12 लोग हिरासत में
Darbhanga violence news: दरभंगा के कुशेश्वर स्थान के हरिनगर गांव में ब्राह्मण-दलित विवाद के बीच हिंसा से पहले का वायरल वीडियो सामने आया है. 10 साल पुराने पैसों के विवाद से शुरू हुए इस मामले में 31 जनवरी को हिंसक झड़प हुई, जिसमें कई लोग घायल हुए. जानिए वायरल वीडियो, विवाद की असली वजह, पुलिस कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी.

बिहार के दरभंगा जिले के कुशेश्वर स्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव में पिछले कुछ दिनों से जारी तनाव के बीच एक नया वीडियो सामने आया है. यह वीडियो 31 जनवरी की मुख्य हिंसा से ठीक एक दिन पहले, यानी 30 जनवरी का बताया जा रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह फुटेज उस पूरे घटनाक्रम की कहानी को एक नई दिशा देता नजर आ रहा है, जिसने अब तक एक तरफा आरोप-प्रत्यारोप का रूप ले रखा था. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी कहानी.
वायरल वीडियो में क्या है?
मनीष पाठक नाम के एक सोशल मीडिया यूजर द्वारा साझा किए गए इस वीडियो में देखा जा सकता है कि गांव के हेमकांत झा की बहन और बहनोई कहीं जा रहे थे. रास्ते में अचानक कैलाश पासवान ने उनकी गाड़ी रोक ली और गाली-गलौज शुरू कर दी. वीडियो में कैलाश काफी उग्र दिख रहे हैं और धक्का-मुक्की के साथ-साथ भड़काऊ बातें भी कह रहे हैं. ग्रामीण बीच-बचाव करते नजर आ रहे हैं, लेकिन कैलाश पासवान लगातार धमकियां देते सुने जा रहे हैं.
विवाद की जड़: 10 साल पुराना पैसों का लेनदेन
पुलिस और ग्रामीणों के अनुसार, इस पूरे फसाद की शुरुआत करीब एक दशक पुराने वित्तीय विवाद से जुड़ी है. साल 2015 में हेमकांत झा के घर का निर्माण कार्य कैलाश पासवान के भाई ने कराया था. निर्माण के बाद लगभग 4.5 लाख रुपये का भुगतान बकाया रह गया था. पासवान परिवार का आरोप है कि बार-बार मांगने के बावजूद हेमकांत झा ने यह राशि नहीं चुकाई, जिससे दोनों पक्षों के बीच कड़वाहट बढ़ती गई.
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हिंसा की वो खौफनाक रात और एफआईआर का विवाद
31 जनवरी की रात यह विवाद हिंसक संघर्ष में तब्दील हो गया. शिकायतकर्ता सर्फी पासवान ने आरोप लगाया है कि हेमकांत झा और पूरे गांव के करीब 100-150 लोगों ने मिलकर उनके घर पर जानलेवा हमला किया. आवेदन के मुताबिक, हमलावरों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया, जिसमें 10 से ज्यादा लोग घायल हुए. गंभीर आरोप यह भी है कि घर की महिलाओं और एक बच्ची के साथ भी बदसलूकी की गई और घर से जेवर व नगदी लूट ली गई.
एफआईआर में 70 नामजद, 12 हिरासत में
इस मामले की सबसे बड़ी चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि एफआईआर में नामजद आरोपियों की सूची काफी लंबी है. शिकायतकर्ता ने गांव के लगभग 70 ब्राह्मण समुदाय के सदस्यों को नामजद किया है. पुलिस ने अब तक 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. गांव में फिलहाल तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है.
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