पटना में दोस्त ही बना दोस्त की जान का दुश्मन! शराब पार्टी के बहाने बुलाकर की हत्या, फिर अवैध संबंध वाली कहानी पता चली
Patna Murder Case: पटना से रिश्तों को झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां दोस्त ने ही दोस्त की जान ले ली है. शराब पार्टी के बहाने बुलाकर तीन दोस्तों ने मिलकर अपने ही दोस्त पंकज कुमार की बेरहमी से हत्या कर दी और शव को गंगा नदी में फेंक दिया. पुलिस जांच में चचेरे भाई की हत्या का शक और विधवा भाभी से अवैध संबंध जैसी चौंकाने वाली वजह सामने आई है. जानिए पटना सिटी के खाजेकला थाना क्षेत्र से जुड़ा पूरा मामला.

Patna Murder Case: बचपन से घर वाले आपको अच्छी संगति और अच्छे दोस्त बनाने की हिदायत देते रहते हैं. जब भी कोई गलती होती है तो वो आपके साथ-साथ आपकी संगति को लेकर भी ताने मारते है. लेकिन अगर वहीं इंसान जिसके साथ आप दिन-रात घूम रहे हो, अपनी बातें बता रहे हो वहीं आपकी जान का दुश्मन बन जाए. बिहार की राजधानी पटना से एक ऐसी ही कहानी सामने आई है, जहां चचेरे भाई की हत्या के शक और विधवा भाभी के साथ अवैध संबंध की वजह से तीन दोस्तों ने मिलकर अपने एक दोस्त की जान ले ली. हत्या करने के बाद शव को गंगा नदी में फेंक दिया ताकि किसी को कुछ पता नहीं चले. लेकिन पुलिस की सख्ती के आगे तीनों टूट गए और पूरे मामले का खुलासा हो गया. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी कहानी.
क्या है पूरा मामला?
मामला पटना सिटी के खाजेकला थाना क्षेत्र से सामने आया है. यहीं के टेढ़ी घाट निवासी पंकज कुमार(26) बालू का कारोबार करते थे. मिली जानकारी के मुताबिक 12 जनवरी की रात 8 बजे पंकज के फोन पर उसके दोस्त का फोन आया, जिसके बाद वह कहीं निकल गया. परिवार ने आम बात समझकर नजरअंदाज कर दिया लेकिन जब देर तक पंकज घर नहीं लौटा तो परिजनों को टेंशन होने लगी.
13 जनवरी को सारा दिन ढूंढने के बाद भी पंकज का कहीं पता नहीं चला और फिर परिवार को उसके दोस्तों पर शक हुआ. तब पंकज के पापा थाना पहुंचे और उन्होंने उसके ही तीन दोस्त विकास कुमार उर्फ भानु, सागर कुमार और गोलू कुमार पर हत्या की आशंका जताई. फिर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों को थाने बुलाकर पूछताछ सख्ती से पूछताछ की जिसके बाद वे टूट गए और उन्होंने पूरी कहानी बता दी.
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पुलिस पूछताछ में सामने आई ये बात
पंकज के परिवार से आवेदन मिलने के बाद पुलिस ने एक टीम का गठन किया और तीनों नामजद से पूछताछ की. जैसे ही पुलिस ने सख्ती दिखाई तो वे टूट गए और उन्होंने पंकज को मारने की बात भी स्वीकार कर ली. फिर पुलिस अपने बल और आरोपियों के साथ घटनास्थल पर पहुंची, जहां खून के दाग भी मिला लेकिन शव नहीं मिला. फिर तीनों से पूछने पर उन्होंने बताया कि जान लेने के बाद शव को गंगा नदी में फेंक दिया. फिर स्थानीय गोताखोरों और SDRF की एक टीम की मदद से सर्च अभियान चलाया गया और फिर शव बरामद किया.
बांस काटने वाले गड़ासा से ली जान
पुलिस पूछताछ में तीनों बताया की हत्या के लिए बांस काटने वाले गड़ासा का इस्तेमाल किया गया था, जिससे की उस पर वार करने के बाद पंकज ने दम तोड़ दिया था. इस हथियार को भी गंगा नदी में फेक दिया. फिलहाल यह हथियार नहीं मिला है और इसके लिए तलाशी जारी है.
क्यों की गई हत्या?
अब इस केस का सबसे अहम सवाल था कि आखिर दोस्त ने ही क्यों ले ली दोस्त की जान? तो पुलिस पूछताछ में भानु ने बताया कि, पंकज ने लगभग 2 साल पहले मेरे चचेरे भाई की शराब में जहर मिलाकर पिला दी थी. इसके अलावा भानु के चचेरी भाभी के साथ पंकज लगातार अवैध संबंध बना रहा था. इससे परेशान होकर भानु ने हत्या की प्लानिंग की और फिर पंकज को मौत के घाट उतार दिया.
लगभग एक महीने से मारने की थी प्लानिंग
पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि लगभग एक महीने से इस हत्या की प्लानिंग चल रही थी लेकिन मौका नहीं मिल रहा था. इस दौरान भानु ने अपने दोस्तों को भी यह बात बताई और फिर तीनों ने मिलकर घटना को अंजाम दिया. तीनों ने मिलकर प्लान बनाकर पंकज को शराब पीने के बहाने बुलाया और वह जैसे ही वहां पहुंचा इन तीनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी. फिलहाल तीनों आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और आगे की कार्रवाई की जा रही है.
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