Shambhu Girls Hostel Case: जहानाबाद में जिस दुकान से NEET छात्रा ने ली थी दवाई, उसके मालिक ने बताई ये कहानी

Shambhu Girls Hostel Case Update: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल केस में बड़ा खुलासा हुआ है. SIT की जांच में खुलासा हुआ कि NEET छात्रा ने अपने परिजनों के साथ आकर नींद की दवा खरीदी था. अब जहानाबाद के रोहित मेडिकल हॉल के मालिक ने SIT जांच को लेकर अहम जानकारी दी है. विस्तार से जानते है दुकानदार ने क्या-कुछ बताया और SIT जांच में अब तक क्या हुआ.

Shambhu Girls Hostel Case Update
रोहित मेडिकल स्टोर के मालिक ने बताई पूरी बात
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Patna NEET Student Case Update: बिहार की राजधानी पटना में हुए NEET छात्रा के संदिग्ध मौत के मामले में रोज-रोज कुछ ना कुछ नए खुलासे हो रहे है. बीते दिन इस मामले की जांच कर रही SIT की टीम को एक अहम सुराग मिला कि छात्रा के रूम में जो नींद की दवाइयां मिली थी, वह जहानाबाद से ही खरीदी गई थी. इस दुकान का नाम रोहित मेडिकल हॉल है और अब इस दुकानदार का एक बयान भी सामने आया है. दुकानदार ने बताया है कि SIT की टीम उनके दुकान पहुंची थी और कैमरा भी चेक किया. साथ ही उन्होंने दवा को लेकर भी एक बड़ी जानकारी दी है. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी कहानी.

SIT को पता चली थी दवा वाली बात

दरअसल इस मामले की जांच करते-करते SIT की टीम जहानाबाद पहुंची थी और छानबीन के दौरान एक चौंकाने वाली बात सामने आई. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, 27 दिसंबर को छात्रा अपने माता-पिता के साथ जहानाबाद आई थी और फिर इसी दौरान उसने रोहित मेडिकल हॉल से दवाईयां खरीदी थी. यह बात भी सामने आई है कि दवाई खरीदने के दौरान उसके पिता वहीं मौजूद थे और छात्रा ने खुद 350 रुपए(दवाई की कीमत) ऑनलाइन पेमेंट किया था.

दुकानदार ने बताई ये बात

रोहित मेडिकल हॉल के मालिक कृष्ण प्रसाद ठाकुर ने बताया कि उनके दुकान पर कुछ लोग आए थे और उन्होंने कैमरा चेक करने की बात कही. फिर दुकान के मालिक ने उन्हें कैमरा चेक कराया लेकिन हार्ड-डिस्क फुल होने की वजह से कैमरे में सिर्फ करेंट रिकॉर्डिंग दिख रहा था. इसलिए उन्होंने हमें सलाह दी कि आप इसे बनवाकर बढ़िया से अपडेट रखिए और फिर चले गए. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर हमें जरूरत पड़ेगी तो हम आपसे सहयोग लेंगे.

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दवाई को लेकर दुकानदार ने क्या कहा?

वहीं बिहार तक से खास बातचीत करते हुए दुकानदार ने कहा है कि वह जो दवा ले जाती थी अपने परिजन के नाम पर ले जाती थी. लेकिन मुझे यह नहीं पता कि वह लड़की के पिता थे या चाचा जिनके लिए दवाइयां जाती थी. दुकान के मालिक ने यह भी कहा कि SIT टीम ने हमसे सीसीटीवी के अलावा किसी और बारे में कुछ भी नहीं पूछा है.

काफी लंबे समय से छात्रा ले रही थी दवाइयां!

पुलिस के एक अधिकारी ने नाम ना छापने के शर्त पर बताया कि छात्रा काफी लंबे समय से नींद की दवाइयों का सेवन कर रही थी. यह दवाइयां उसके पिता भी खा रहे थे और छात्रा भी खुद खा रही थी. हालांकि रूम में दवाइयों के मिलने के बाद छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया था कि किसी ने साजिश के तहत वहां दवाइयां रखी थी. 

इन अनसुलझे सवालों का जवाब ढूंढ रही छात्रा

नींद की दवाइयों का मामला खुलने के बाद अब SIT के सामने कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं. SIT अब बात की जांच करने में जुटी हुई है कि जब छात्रा ने खुद अपने पिता के साथ दवाइयां खरीदी थी, फिर भी परिवार वालों ने इस बात को क्यों छुपाया? साथ ही जब रूम में दवाइयां मिली तो उस बात को अलग राह क्यों दिया? इसके अलावा, टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि छात्रा जब अक्सर ट्रेन से ट्रैवल करती थी तो 27 दिसंबर को अचानक गाड़ी से क्यों निकली और जहानाबाद में ही क्यों गई थी?

फिलहाल सबको इंतजार है एसआईटी के जांच पूरे होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस का कि आखिर जांच में क्या कुछ निकल कर के सामने आता है? और इंतजार इस बात का भी है कि छात्रा और उसके पूरे परिवार को आखिर यह सिस्टम न्याय कब देता है?

इनपुट- सैयद मुर्शरफ इमाम

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