गर्भवती होने के बावजूद हुई गिरफ्तारी, जेल में बच्चे के जन्म के बाद उठे इंसानियत पर सवाल, दुर्ग में हैरान करने वाला मामला

दुर्ग में गबन के आरोप में गिरफ्तार बर्खास्त महिला पुलिसकर्मी मोनिका गुप्ता ने न्यायिक हिरासत के दौरान जेल में बच्चे को जन्म दिया, जिससे मामला चर्चा में आ गया. 79 ग्राम सोने के गहने मालखाने में जमा न करने के आरोप के बाद उनकी जमानत खारिज हुई, और अब यह घटना कानून के साथ संवेदनाओं को लेकर भी सवाल खड़े कर रही है.

प्रतीकात्मक तस्वीर
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छत्तीसगढ़ के दुर्ग से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने कानून के साथ-साथ इंसानियत को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां पुलिस विभाग की एक बर्खास्त महिला प्रधान आरक्षक को गबन के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जहां उन्होंने एक नवजात बच्चे को जन्म दिया। खास बात यह है कि गिरफ्तारी के समय वह 9 महीने की गर्भवती थीं. 

आरोपी महिला आरक्षक मोनिका गुप्ता पहले मोहन नगर थाना में पदस्थ थीं. उनकी जमानत याचिका कोर्ट से खारिज होने के बाद पुलिस ने 2 फरवरी 2026 को उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. जेल प्रशासन के मुताबिक, गर्भावस्था को देखते हुए उन्हें जरूरी इलाज और सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं.

क्या है पूरा मामला?

यह केस 4 जुलाई 2022 का है. सिंधिया नगर निवासी सोनाली द्विवेदी के घर से लगभग 79 ग्राम सोने के गहनों की चोरी हुई थी. शिकायत के बाद मामले की जांच मोनिका को सौंपी गई थी.

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जांच के दौरान 30 जून 2023 को पुलिस ने आरोपी चोर पीतांबर राव को गिरफ्तार कर उसके पास से चोरी के गहने और सिक्के बरामद किए. नियम के मुताबिक यह जब्त सामान थाने के मालखाने में जमा होना था लेकिन आरोप है कि मोनिका ने इन्हें जमा करने के बजाय अपने पास ही रख लिया.

मामला तब खुला जब पीड़िता कोर्ट से गहनों की सुपुर्दगी का आदेश लेकर थाने पहुंचीं. जांच में पता चला कि जब्त जेवर मालखाने में हैं ही नहीं. वरिष्ठ अधिकारियों ने मोनिका को गहने लौटाने के निर्देश दिए, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.

FIR के बाद फरार, फिर गिरफ्तारी

मार्च 2025 में उनके खिलाफ सबूत छिपाने और अमानत में खयानत की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद से वह फरार चल रही थीं, लेकिन आखिरकार पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इससे पहले भी उनका नाम विवादों में आ चुका था. अगस्त 2024 में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था, जिसके बाद उन्हें विभाग से बर्खास्त कर दिया गया था.

पुलिस अधिकारी ने क्या कहा?

सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि चोरी के मामले में जब्त लगभग 79 ग्राम सोना मालखाने में जमा नहीं किया गया था। विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (अमानत में खयानत) के तहत मामला दर्ज कर मोनिका को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया.

उठ रहे भावनात्मक सवाल

यह मामला सिर्फ कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक भावनात्मक बहस भी छेड़ गया है. लोग सवाल कर रहे हैं कि मां की गलती की सजा क्या उस नवजात को भी भुगतनी पड़ रही है, जिसने अभी दुनिया में कदम ही रखा है. फिलहाल मोनिका न्यायिक हिरासत में हैं और यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.

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