दिन में इडली-डोसा का धंधा, रात में चोरी-चकारी का काम... दुर्ग पुलिस ने पकड़ा शातिर गिरोह, 7 लाख से ज्यादा का सामान बरामद

Chhattisgarh News: दुर्ग पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जो दिन में रायपुर में इडली-डोसा बेचता था और रात में सूने मकानों में चोरी करता था. पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 7.15 लाख रुपये के जेवरात और नकद बरामद किए हैं.

छत्तीसगढ़ में चोरी गैंग का पर्दाफाश
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसकी सादगी भरी जिंदगी के पीछे बड़ा अपराध छिपा था. हैरानी की बात यह है कि ये आरोपी दिन में रायपुर की सड़कों पर इडली–डोसा बेचकर आम लोगों जैसे नजर आते थे लेकिन अंधेरा होते ही दुर्ग पहुंचकर सूने मकानों को निशाना बनाते और चोरी की वारदात को अंजाम देकर फिर अपने काम पर लौट जाते थे.

लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी थी. इसी के बाद 8 फरवरी को वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई. टीम ने तकनीकी साक्ष्य, मुखबिरों से मिली जानकारी, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की मदद से जांच आगे बढ़ाई. आखिरकार रायपुर के मठ पुरैना इलाके में घेराबंदी कर तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.

दिल में मेहनत का काम, रात में चोरी 

पकड़े गए आरोपियों की पहचान 25 साल के मनीष अमोरिया, 23 साल के जितेंद्र गायकवाड़ और 23 साल के रवि साहू (23) के रूप में हुई है. ये सभी राजनांदगांव जिले के ग्राम लखौली के रहने वाले बताए जा रहे हैं. पूछताछ में उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वे दिन में इडली-डोसा बेचते थे और रात के समय दुर्ग जिले के अलग-अलग इलाकों में बंद घरों की रेकी कर चोरी करते थे.

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पुलिस के अनुसार, नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच इस गिरोह ने पाटन, उतई, अमलेश्वर, नंदनी और रानीतराई समेत कई थाना क्षेत्रों में करीब आठ चोरी की वारदातों को अंजाम दिया. आरोपियों ने घरों से सोने-चांदी के जेवरात, अंगूठियां, लॉकेट, टॉप्स, पायल, बिछिया और नकदी चुरा ली थी. 

पहले से दर्ज थे 10 आपराधिक मामले

जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी मनीष अमोरिया पर पहले से लगभग 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े तीन अन्य लोगों, धर्मेंद्र साहू, उमेश उर्फ पिंटू सोनी और प्रकाश सोनी को भी गिरफ्तार किया है. ये लोग चोरी के जेवर खरीदकर उन्हें खपाने का काम करते थे. सभी आरोपियों के पास से कुल लगभग 7 लाख 15 हजार रुपये की चोरी की संपत्ति बरामद की गई है.

एएसपी और दुर्ग पुलिस के प्रवक्ता मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि पाटन थाना क्षेत्र में लगातार चोरी की शिकायतें मिल रही थीं और चार मामले दर्ज हो चुके थे. इसके बाद एसीसीयू और थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई. पूछताछ के दौरान एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया, जिससे कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपने दो साथियों के साथ चोरी करना कबूल कर लिया. आगे की जांच में अमलेश्वर, रानीतराई और उतई थाना क्षेत्रों में हुई चोरियों का भी खुलासा हुआ.

पुलिस ने किए जेवरात और नकद बरामद

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान चोरी के जेवरात, नकदी और अन्य सामान बरामद किया. मामले से जुड़े विजुअल्स में बरामद रकम और गहने, पुलिस अधिकारियों के साथ खड़े आरोपी, थाने के बाहर लाए जाते गिरोह के सदस्य और कार्रवाई में जुटी पुलिस टीम दिखाई दे रही है.

फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह और किन वारदातों में शामिल रहा है. इस कार्रवाई को दुर्ग पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है जिसने चालाकी से काम कर रहे इस गिरोह का पर्दाफाश कर दिया.
 

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