सूरजकुंड मेला हादसे में बड़ा एक्शन…पुलिस ने झूला मालिक सहित दो को किया अरेस्ट, मामले की जांच करेगी 3 सदस्यीय SIT
Surajkund Mela Jhula Collapse: फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में हुए दर्दनाक झूला हादसे के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. दूसरों की जान बचाते हुए शहीद हुए बहादुर इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद को शहीद का दर्जा देते हुए सरकार ने मुआवजे और परिवार को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है.

Surajkund Mela Accident Faridabad: फरीदाबाद के विश्व प्रसिद्ध सूरजकुंड मेले में शनिवार की शाम एक झूला अचानक टूटकर गिर गया. हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई. इस हादसे ने अब मेले में लोगों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस के मुताबिक, हादसे में कुल 12 लोग घायल हुए हैं. इस घटना में हरियाणा पुलिस के निरीक्षक जगदीश प्रसाद की जान चली गई. अब घटना को लेकर पुलिस ने मामले में बड़ा एक्शन लिया है. हादसे के बाद फरीदाबाद पुलिस ने हिमाचल केयर फन केयर कंपनी के मालिक मोहम्मद शाकिर को गिरफ्तार किया है.
बताया जा रहा है कि शाकिर मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले का निवासी है. हादसे वाले झूले का मालिक उसे ही बताया जा रहा है. इसके साथ ही मेरठ के रहने वाले नितेश को भी पुलिस ने पकड़ा है. वहीं मामले में अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा जारी है. सूरजकुंड थाने में दर्ज एफआईआर के तहत इन आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.
हादसे की जांच के लिए SIT का गठन
हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए तीन सदस्यीय SIT का गठन किया गया है. साथ ही हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा ने बताया कि अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति भी इस दुर्घटना की जांच करेगी. पुलिस ने मेले के सीसीटीवी फुटेज और झूले की तकनीकी फिटनेस की जांच शुरू कर दी है.
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घायलों का हाल और अस्पताल में इलाज
इस हादसे में कुल 12 लोग घायल हुए थे, जिनमें कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. वहीं घटना में निरीक्षक जगदीश प्रसाद भी शहीद का गए. हादसे में घायलों में महिला एएसआई नीलम, सिपाही शर्मिला और एसजीओ राजेश सहित अन्य नागरिक शामिल हैं. फिलहाल 5 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और बाकी घायलों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है. डीजीपी और पुलिस आयुक्त ने स्वयं अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना और उन्हें बेहतरीन इलाज मुहैया कराने का निर्देश दिया है.
1 करोड़ का मुआवजा और सरकारी नौकरी
इस बीच हरियाणा के DGP अजय सिंघल ने शहीद निरीक्षक जगदीश प्रसाद की बहादुरी को नमन किया है. उन्होंने घोषणा की है कि जगदीश प्रसाद को शहीद का दर्जा दिया जाएगा और उनके परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी. इसके साथ ही परिवार के एक योग्य सदस्य को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दी जाएगी. डीजीपी ने कहा कि विभाग को अपने ऐसे जांबाज सिपाही पर हमेशा गर्व रहेगा.
कौन थे शहीद जगदीश प्रसाद?
शहीद जगदीश प्रसाद के बारे में एक भावुक कर देने वाली जानकारी सामने आई है. वे 1989 में पुलिस बल में शामिल हुए थे और मार्च में अपनी 36 साल की शानदार सेवा पूरी कर रिटायर होने वाले थे. शनिवार शाम 6 बजे जब झूला टूटा, तब उसमें करीब 19 लोग सवार थे. जगदीश प्रसाद बिना अपनी जान की परवाह किए लोगों को बचाने के लिए कूदे, लेकिन इस दौरान उन्हें ऐसी गंभीर चोटें आईं कि वे खुद को नहीं बचा सके.
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