'मैं सीता नहीं हूं...' महाकुंभ वाली हर्षा रिछारिया का बड़ा फैसला, छोड़ेंगी अध्यात्म का रास्ता और ग्लैमर वर्ल्ड में करेंगी वापसी
Harsha Richhariya: महाकुंभ में साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया ने लगातार विरोध और मानसिक दबाव से परेशान होकर ग्लैमर वर्ल्ड में लौटने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि वह धर्म नहीं छोड़ रहीं सिर्फ प्रचार से दूरी बना रही हैं. मौनी अमावस्या के बाद वह नई शुरुआत करेंगी.

Harsha Richhariya: महाकुंभ के दौरान अपनी साध्वी वाली छवि से सुर्खियां बटोरने वाली मॉडल हर्षा रिछारिया ने एक चौंकाने वाला फैसला लिया है. तिरस्कार, मानसिक दबाव और अपनों के विरोध से आहत होकर हर्षा ने अब सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार से दूरी बनाने का मन बना लिया है. उन्होंने कहा कि वह जल्द ही अपनी पुरानी दुनिया यानी 'ग्लैमर वर्ल्ड' में वापसी करने जा रही हैं.
'मैं सीता माता नहीं हूं'
जबलपुर में मीडिया से बात करते हुए हर्षा ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में उन्हें जिस तरह के मानसिक तनाव से गुजरना पड़ा, उसने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया है. हर्षा का कहना है कि जब धर्म गुरु ही एक अकेली लड़की के विरोध में खड़े हो जाएं तो लड़ना नामुमकिन हो जाता है. उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "मैं सीता माता नहीं हूं कि बार-बार अग्नि परीक्षा देती रहूं. एक साल में मैंने जितनी परीक्षाएं दी हैं, अब उन्हें विराम देने का समय आ गया है."
हर्षा ने कहा कि धर्म की राह पर चलते हुए उन्हें दूसरे धर्मों से पहले अपने ही धर्म के लोगों के सवालों और शक का सामना करना पड़ा है. हर्षा के मुताबिक, आज भी समाज पुरुष प्रधान सोच से ग्रसित है. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ एक संगठित तरीके से विरोध किया गया ताकि वे पीछे हट जाएं.
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सनातन धर्म से मोहभंग नहीं
हर्षा ने बताया कि उनका सनातन धर्म के प्रति विश्वास कम नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, "मैंने धर्म को नहीं अपनाया, बल्कि धर्म ने मुझे अपनाया है. मैं हिंदू धर्म में पैदा होने पर गर्व महसूस करती हूं और इसे कभी नहीं छोड़ सकती." हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि वह अब धर्म के खुले प्रचार-प्रसार से खुद को अलग कर रही हैं क्योंकि यहां शांति की जगह क्लेश ज्यादा है.
मौनी अमावस्या को लौटेंगी अपने पुराने करियर में
ग्लैमर वर्ल्ड में लौटने के फैसले पर हर्षा ने कहा कि यह कोई जल्दबाजी में लिया गया कदम नहीं है. उन्होंने बताया कि काफी सोच-समझकर यह रास्ता चुना है. हर्षा का मानना है कि उनके पुराने काम में ज्यादा सुकून और शांति थी, वहां कोई बेवजह का विरोध नहीं था. उन्होंने घोषणा की है कि आने वाली 18 तारीख को मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज के माघ मेले में गंगा स्नान करने के बाद वे औपचारिक रूप से अपने पुराने करियर की शुरुआत करेंगी.










