Jharkhand Plane Crash: रांची एयर एंबुलेंस क्रैश में जिस मरीज को दिल्ली लेकर जा रही थी एयर एंबुलेंस वो संजय कुमार कौन, सामने आई ये जानकारी
Jharkhand Air Ambulance Crash: रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस के चतरा के जंगलों में क्रैश होने से 7 लोगों की मौत हो गई. इस हादसे ने एक ऐसे परिवार की उम्मीदें तोड़ दीं, जिसने अपनों को बचाने के लिए पाई-पाई जोड़ी थी. आखिर कौन था वो मरीज संजय कुमार, जिसकी जान बचाने की जंग मातम में बदल गई.

Ranchi Air Ambulance Crash: झारखंड के चतरा जिला के सिमरिया में हुए एयर एंबुलेंस हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है. इस दुर्घटना में विमान में सवार सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें संजय कुमार भी शामिल थे. संजय कुमार वही शख्स हैं जिन्हें बेहतर इलाज के लिए उनका परिवार एयर एंबुलेंस से दिल्ली लेकर जा रहा था. बताया जा रहा है कि वे लातेहार जिले के चंदवा कस्बे में ढाबा चलाते थे. ऐसे में आइए जानते हैं, संजय कुमार कौन थे और उन्हें किस बीमारी के इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था.
इस वजह से ले जाया जा रहा था दिल्ली
दरअसल, संजय कुमार की के छोटा-सा होटल (ढाबा) में सोमवार को अचानक शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई. इस भीषण आग की चपेट में आने से संजय बुरी तरह झुलस गए. आनन-फानन में उन्हें रांची के देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन वहां उनकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था. डॉक्टरों के मुताबिक उनका शरीर करीब 63 से 65 प्रतिशत तक जल चुका था. ऐसे में डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने की सलाह दी. यहीं से संजय को बचाने के लिए उनके परिवार ने उन्हें दिल्ली लेकर जाने का फैसला किया.
कर्ज के पैसों से सजी थी उम्मीदों की उड़ान
परिवार का फांइनेशियल बैकग्राउंड अच्छा नहीं था इसलिए उनके लिए एयर एंबुलेंस का खर्च उठाना नामुमकिन था. ऐसे में संजय की जान बचाने के लिए उनके परिवार ने रिश्तेदारों से कर्ज और लोन लेकर करीब 8 लाख रुपये में एयर एम्बुलेंस बुक की, जिससे की उन्हें तुरंत दिल्ली पहुंचाया जा सके. संजय को लेकर रांची से रेडबर्ड एयरवेज का बीचक्राफ्ट C90 विमान (VT-AJV) शाम 7:11 बजे उड़ान भरी. उन्हें लगा था कि बस कुछ घंटों बाद संजय दिल्ली में होंगे और ठीक हो जाएंगे. लेकिन उन्हें क्या पता था संजय के साथ ऐसा कुछ होगा.
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23 मिनट बाद क्रैश हुआ विमान
उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद मौसम का मिजाज बिगड़ गया. तेज हवाओं और कम विजिबिलिटी के कारण विमान का संपर्क एटीसी से टूट गया. करीब 23 मिनट बाद ही सिमरिया के घने जंगलों में यह विमान क्रैश हो गया. इस हादसे में संजय कुमार के साथ उनकी पत्नी बसंती देवी और भांजा ध्रुव भी दुनिया छोड़ गए. साथ ही मेडिकल टीम और पायलटों ने भी अपनी जान गंवा दी.










