महबूब नहीं मां पर लिखी शायरियों के लिए थे मशहूर, उर्दू साहित्य के बड़े नाम मुनव्वर राना नहीं रहे
मुनव्वर राना को उनको उर्दू साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2014 में साहित्य अकादमी पुरस्कार और 2012 में शहीद शोध संस्थान ने ‘माटी रतन सम्मान’ से सम्मानित किया गया था.
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Munawwar Rana
Munnawar Rana: मशहूर शायर मुनव्वर राना जिनकी आवाज देश ही नहीं बल्कि दुनिया में गूंजा करती थी, अब वो आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई. 71 साल के मुनव्वर राना का रविवार यानी 14 जनवरी को लखनऊ में निधन हो गया. जानकारी के मुताबिक उनकी मृत्यु कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुई. उनकी निधन की खबर आने के बाद से ही उनके चाहने वालों में शोक की लहर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर देश की कई हस्तियों ने उनके मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है.