बैरिकेडिंग तोड़ा, महिला पुलिसकर्मियों से भिड़ी...बाड़मेर में किसानों का गुस्सा फूटा, उचित मुआवजे की मांग को लेकर हाईवे किया जाम
Rajasthan farmer protest: राजस्थान के बाड़मेर में 765 केवी ट्रांसमिशन लाइन को लेकर किसानों का आंदोलन उग्र हो गया है. उचित मुआवजे की मांग कर रहे किसानों को पुलिस ने टोल प्लाजा पर रोका तो महिलाएं बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गईं. हाईवे जाम, पुलिस से झड़प और वायरल वीडियो ने पूरे मामले को गरमा दिया.

Barmer Kisan Andolan: राजस्थान के बाड़मेर जिले में किसानों का आंदोलन अब और उग्र होता जा रहा है. सोमवार को बायतु विधानसभा क्षेत्र में उचित मुआवजे की मांग को लेकर कुछ किसान जिला कलेक्टर कार्यालय की तरफ बढ़ रहे थे. इस दाैरान पुलिस ने उन्हें निंबानियों की ढाणी टोल प्लाजा पर रोका दिया. लेकिन मौके पर बड़ी संख्या में मौजूद महिलाएं पुलिस से भिड़ गईं. स्थिति तक बेकाबू हो गई जब ये महिलाए पुलिस की बैरिकेडिंग को को हटाकर पैदल ही बाड़मेर की तरफ बढ़ने लगी. इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारी महिलाओं के बीच जमकर धक्का मुक्की और तीखी झड़प हुई. इसका वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है.
क्या है विवाद की पूरी जड़?
आपको बता दें कि विवाद की जड़ बायतु के गांवों से गुजरने वाली 765 केवी की डबल ट्रांसमिशन लाइन है. यह लाइन किसानों के खेतों से होकर निकल रही है. किसानों का आरोप है कि एक निजी कंपनी पुलिस और प्रशासन की मदद से उन्हें डरा धमका रही है. उनका कहना है कि उन्हें बहुत कम मुआवजा दिया जा रहा है और जबरन एग्रीमेंट पर साइन करवाए जा रहे हैं. किसानों ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का भी आरोप लगाया और कहा कि एसडीएम ने वार्ता का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई अधिकारी बात करने नहीं आया. इसी को लेकर अब किसान प्रदर्शन कर रहे हैं.
सुरक्षा घेरा तोड़कर हाईवे पर कब्जा
इस बीच सोमवार को किसान जब मुआवजे की मांग को लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय की ओर कूच कर रहे थे. इस दौरान पुलिस प्रशासन ने किसानों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे. विडियो में दिख रहा है कि महिलाएं जबरन घेरा तोड़कर आगे निकल गईं और उन्होंने नेशनल हाईवे पर ही डेरा डाल दिया. सोशल मीडिया पर इस टकराव के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह महिलाएं और पुलिसकर्मी आपस में भिड़ रहे हैं. वायरल वीडियो में करीब 5 से 6 महिलाएं पुलिस बैरिकेड को ताेड़कर आगे की तरफ बढ़ रहे हैं. इस दौरान माैके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने का काफी प्रयास किया. लेकिन प्रदर्शन कर रही महिलाएं उन्हें घक्का देकर आगे की तरफ बढ़ गई.
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यहां देखें घटना का वीडियो
क्या है इन किसानों की मांग?
दोलनकारी किसानों की मांग है कि प्रति टावर उन्हें 15 लाख रुपये का एकसमान मुआवजा दिया जाए. किसानों का कहना है कि प्रशासन और कंपनी अलग अलग किसानों को अलग अलग राशि देकर भेदभाव कर रही है. उन्होंने कहा कि जब तक मुआवजा राशि बढ़ाकर एकसमान नहीं की जाती तब तक वे अपना धरना खत्म नहीं करेंगे.
प्रशासन की समझाइश और वार्ता की कोशिश
हाईवे पर किसानों के बढ़ते जमावड़े को देखते हुए प्रशासन के हाथ पांव फूल गए हैं. मौके पर उपखंड अधिकारी (SDM) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सहित प्रशासन के आला अधिकारी पहुंचे. उन्होंने आंदोलनकारी किसानों को समझाने और बातचीत करने की कोशिश की.










