साध्वी प्रेम बाईसा केस: 30 से ज्यादा लोगों से पूछताछ, फिर भी सस्पेंस बरकरार…10 दिन बाद SIT के हाथ क्या लगा? ACP छवि शर्मा ने बताया
Sadhvi Prem Baisa Case: जोधपुर की प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का रहस्य गहराता जा रहा है. 10 दिन बीत जाने के बाद भी SIT मौत और हत्या के बीच उलझी हुई है. पुलिस ने अब तक 30 से अधिक लोगों से पूछताछ की है और इतने ही अधिक लोगों के सैंपल जांच के लिए FSL भेजे हैं.

Sadhvi Prem Baisa Death Case: राजस्थान की प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का मामला अब पूरी तरह से एक रहस्य बन चुका है. घटना के 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है कि ये एक प्राकृतिक मौत थी या फिर सुनियोजित हत्या. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जोधपुर पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश पासवान ने एक विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया है. इस SIT की कमान छवि शर्मा को सौंपी गई है.
SIT प्रमुख का बड़ा खुलासा
इस बीच हाल ही में SIT प्रमुख छवि शर्मा ने मामले को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि अब तक इस मामले में करीब 30 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है. इसमें साध्वी के साथ रहने वाले वीरमनाथ से चार बार पूछताछ हुई है. इसके अलावा, अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ, सफाई कर्मी और उन डॉक्टरों के बयान दर्ज किए गए हैं जिन्होंने शुरुआती समय में साध्वी का इलाज किया था.
CCTV फुटेज और महिला का रहस्य
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक सीसीटीवी फुटेज ने इस केस को और उलझा दिया है. फुटेज में एक संदिग्ध महिला दिखाई दे रही है, जिसे लेकर पुलिस ने जांच तेज कर दी है. पुलिस उस महिला की पहचान और वहां मौजूदगी के कारणों का पता लगाने में जुटी है. SIT प्रमुख के अनुसार, हर उस व्यक्ति को पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है जिसकी भूमिका संदिग्ध लग रही है.
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FSL रिपोर्ट और DNA प्रोफाइलिंग पर टिकी निगाहें
पुलिस ने घटनास्थल और अस्पताल से 30 से अधिक सैंपल्स जुटाकर फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) में भेजे हैं. सबसे महत्वपूर्ण जांच उस इंजेक्शन और नीडल की है जो साध्वी को लगाया गया था. पुलिस अब साध्वी के डीएनए और उस इंजेक्शन के डीएनए को मैच कराने की प्रक्रिया में है. डीसीपी वेस्ट विनीत बंसल ने FSL को लेटर लिखकर जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द देने का अनुरोध किया है.
वीरमनाथ और अन्य करीबियों के बयान
साध्वी के करीबी वीरमनाथ, सुरेश और भोमाराम के बयानों में फिलहाल कोई बड़ा विरोधाभास नहीं मिला है. लेकिन पुलिस हर पहलू को बारीकी से खंगाल रही है. साध्वी के सोशल मीडिया अकाउंट्स और उनके हालिया कथा कार्यक्रमों की भी जांच की जा रही है ताकि किसी भी तरह की रंजिश या विवाद का पता चल सके.
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