जोधपुर: भिखारी बन दिल्ली में छिपे थे दो हिस्ट्रीशीटर, पुलिस ने रेलवे स्टेशन से ऐसे दबोचा, हुलिया देख चकरा जाएंगे

जोधपुर के दो कुख्यात हिस्ट्रीशीटर पुलिस से बचने के लिए दिल्ली में भिखारी बनकर रह रहे थे, लेकिन जोधपुर पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर दोनों को धर दबोचा. दोनों पर दर्जनों मामले हैं और 14 दिसंबर की गंभीर वारदात के बाद से वे फरार चल रहे थे.

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Rajasthan News: पुलिस से बचने के लिए भिखारी बनकर जिंदगी काट रहे दो कुख्यात बदमाश आखिरकार पकड़ ही लिए गए. जोधपुर पुलिस ने दिल्ली में छिपे शहर के दो बड़े हिस्ट्रीशीटरों को ऐसी फिल्मी स्टाइल में दबोचा कि देखकर हर कोई हैरान रह गया.

वारदात के बाद फरार हो गए थे दोनों

पूरा मामला जोधपुर के प्रतापनगर सदर थाना इलाके का है. 14 दिसंबर की रात कुछ बदमाशों ने एक घर में घुसकर जमकर उत्पात मचाया था. तोड़फोड़, मारपीट और छेड़छाड़ जैसी संगीन वारदात के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को तो गिरफ्तार कर लिया, लेकिन मुख्य आरोपी संजय परिहार और उसका साथी मयूर परिहार उर्फ मुकेश मौके से फरार हो गए.

दोनों शातिर अपराधी हैं. संजय प्रतापनगर सदर थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उस पर करीब 15 केस दर्ज हैं, जबकि सूरसागर इलाके का मयूर भी लगभग 10 मामलों में नामजद है. इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था.

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दिल्ली में भिखारी बनकर काट रहे थे दिन

कुछ दिन बाद जोधपुर पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि दोनों आरोपी दिल्ली में छिपे हुए हैं. जब पुलिस की टीम वहां पहुंची, तो जो नजारा सामने आया, उसने सबको चौंका दिया. दोनों ने अपना हुलिया पूरी तरह बदल लिया था. सिर के बाल कटे हुए, बदन पर फटी हुई शर्ट और हालत ऐसी कि देखने में बिल्कुल भिखारी लग रहे थे.

कड़ाके की सर्दी में ये लोग रेलवे स्टेशन और सड़कों के किनारे भीख मांगकर अपना पेट पाल रहे थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो और पुलिस तक उनकी भनक न पहुंचे.

रेलवे स्टेशन पर चली ‘घेराबंदी’

दिल्ली में कुछ दिन रेकी करने के बाद पुलिस को पता चला कि दोनों जोधपुर लौटने के लिए ट्रेन पकड़ने वाले हैं. पुलिस ने तुरंत प्लान बनाया. कुछ जवान उसी ट्रेन में सवार हो गए, जबकि एक टीम सड़क मार्ग से लगातार ट्रेन का पीछा करती रही.

जैसे ही ट्रेन जोधपुर रेलवे स्टेशन पहुंची और दोनों बदमाश प्लेटफॉर्म पर उतरे, पहले से तैनात पुलिस ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया. कुछ समझ पाते, उससे पहले ही दोनों हथकड़ी में थे.

शहर में दहशत फैलाने वाले थे आरोपी

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दोनों लंबे समय से शहर में अपराध का चेहरा बने हुए थे. लोगों में डर पैदा करना, झगड़े और मारपीट करना इनकी आदत बन चुकी थी. फिलहाल दोनों को जोधपुर लाकर पूछताछ की जा रही है.

भिखारियों के भेष में पुलिस से बचने की इनकी चालाकी आखिरकार धरी की धरी रह गई और जोधपुर पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून से ज्यादा दिन बच नहीं सकता.

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