टोंक खजाना कांड का पर्दाफाश: अघोरी बाबा ने जमीन में गाड़ा था नकली सोना, ऐसे रची साजिश
टोंक के देवरी गांव में जमीन से खजाना मिलने की खबर महज एक ठगी की साजिश निकली. 'तत्काल अघोरी महाराज' बनने वाले मुकेश मीणा ने लोगों को ठगने के लिए जयपुर से पुरानी हांडी खरीदकर उसमें 5 किलो नकली सोना दबाया था.

Tonk handi case: टोंक जिले के देवरी गांव में 3 जनवरी को जमीन से धातु की एक हांडी मिली. लोग उस जगह पर खजाना होने की बात कहने लगे. ये बात जब फैली तो अच्छी खासी भीड़ जमा हो गई. पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा. और पूरे मामले की जांच की तो पता चला कि यहां कोई खजाना नहीं था. बल्कि मासूम लोगों को ठगने की एक झूठी कहानी तैयार की गई है. इस केस में मुकेश मीणा उर्फ अघोरी बाबा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. मुकेश ने ही जयपुर से हांडी मंगवाई थी और उसमें नकली सोने की ईंटें रखीं थी फिर उसे जमीन में दबा दिया और लोगों को ठगने की योजना बनाई थी.
क्या है पूरा मामला?
3 जनवरी को ग्राम पंचायत सीदड़ा क्षेत्र में खुदाई के दौरान जब बड़ी हांडी मिली थी. इलाके में खजाने की चर्चा फैल गई थी. शुरुआती पूछताछ में मुकेश की भूमिका संदिग्ध लगी. लेकिन उसने अपनी भूमिका से इनकार किया लेकिन पुलिस रिमांड के दौरान सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पूरी साजिश कबूल कर ली.
जयपुर से खरीदी थी पुरानी हांडी
पुलिस के अनुसार, मुकेश पहले जयपुर जिले के चाकसू में इसी तरह की ठगी कर चुका था, जिसमें करीब पांच लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई थी. इसके बाद उसने अपने गांव के पास देवरी के चरागाह क्षेत्र को अगला निशाना बनाया.
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उसने जयपुर की एक पुरानी बर्तन की दुकान से धातु की बड़ी हांडी खरीदी. फिर 2 जनवरी की रात पांच साथियों के साथ कार से देवरी पहुंचा. सुनसान जगह पर ड्रिल मशीन से गड्ढा खोदकर हांडी को मिट्टी से भर दिया और उसमें नकली सोने की ईंटें डालकर जमीन में दबा दिया.
खजाने का लालच देकर ठगी की तैयारी
मुकेश का मकसद था कि लोगों में यह अफवाह फैलाना कि यहां जमीन में खजाना दबा है. जब लोग खुदाई करें और नकली सोने की ईंटें देखें तो उन्हें असली बताकर बेच दिया जाए और लाखों रुपये कमा लिए जाएं.
इस साजिश में उसका साथी अभिषेक मीणा भी शामिल था, जिसने पुलिस के सामने पूरे प्लान की पुष्टि की है.
अघोरी बनने का नाटक करता था मुकेश
मुकेश मीणा मूल रूप से सीदड़ा गांव का रहने वाला है लेकिन पिछले कुछ महीनों से जयपुर में रह रहा था. वह सोशल मीडिया पर खुद को "तत्काल अघोरी महाराज" बताता था.
पुलिस के सामने खुद आरोपी मुकेश ने बताया कि वह रजवास के पास जिन्न बाबा के स्थान पर सेवा करता था और वहां तंत्र-मंत्र का नाटक कर लोगों को प्रभावित करता था. इसी पहचान का इस्तेमाल कर वह लोगों का भरोसा जीतता था.
नकली सोने की 5 किलो से ज्यादा ईंटें बरामद
6 जनवरी की रात पुलिस ने निवाई बायपास पर मुकेश और अभिषेक को उस समय गिरफ्तार किया, जब वे नकली सोने की ईंटें खजाने से निकली बताकर किसी को बेचने की कोशिश कर रहे थे.
पुलिस ने उनके पास से करीब 5 किलो 200 ग्राम वजन की नकली सोने की ईंटें और उन पर लगी मुहरें बरामद कीं.
पुलिस को पहले से था शक
7 जनवरी को जयपुर से आई एएसआई की टीम ने हांडी, मिट्टी और खुदाई स्थल का निरीक्षण किया था. जांच के दौरान हांडी की बनावट और मिट्टी की स्थिति देखकर टीम को मामला फर्जी होने का शक हो गया था.
टोंक के एएसपी रतनलाल भार्गव ने बताया कि मामला पूरी तरह सामने आ चुका है, लेकिन इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है, इसकी जांच अभी चल रही है.










