बरेली: शादी की, धर्म बदला, जगह बदली…लेकिन 36 साल बाद भी इस वजह से पुलिस की पकड़ा में आ गया प्रदीप! जानें पूरा मामला
Bareilly Crime News: बरेली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां 1987 में हत्या और चोरी के आरोप में सजा पाए प्रदीप सक्सेना ने नाम, धर्म और हुलिया बदलकर 36 सालों तक पुलिस को चकमा देता रहा. वो मुरादाबाद में अब्दुल रहीम बनकर नई जिंदगी जी रहा था. लेकिन हाई कोर्ट के एक आदेश के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है.

Bareilly Crime News: आपने फिल्मों में अक्सर अपराधियों को नाम, हुलिया और पहचान बदलकर पुलिस को चकमा देते हुए देखा होगा. लेकिन, अब ऐसा ही एक मामला हकीकत में बरेली से सामने आया है. यहां एक प्रदीप कुमार सक्सेना नामक शख्स पर आरोप है कि वो पिछले 36 सालों से पुलिस को चकमा देकर जेल के बाहर आराम की जिंदगी बिता रहा था. दरअसल, 70 वर्षीय प्रदीप पर 1987 में हत्या और चोरी के मामलों में वारंट जारी हुआ था. इसके बाद उसे सजा भी मिली और वो जेल भी गया. लेकिन पैरोल पर बाहर आया तो फरार हो गया. इसके बाद उसने अपना नाम और धर्म बदल लिया और शादी कर ली और एक खुशहाल जिंदगी जीने लगा. इस बात को 36 साल बीत गए. लेकिन फिर एक दिन कुछ ऐसा हुआ की प्रदीप का राज खुल गया.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह घटना बरेली के प्रेम नगर थाना क्षेत्र की है. यहां 1987 में प्रदीप कुमार सक्सेना पर हत्या (धारा 302) और चोरी (धारा 379) के मामलों में वारंट जारी हुआ था. इसके बाद उसे सजा भी मिली और वो जेल चला गया. इस बीच वो पैरोल पर बाहर आया और फरार हो गया था. उसे बात को 36 साल बीत गए. इस दौरान प्रदीप ने अपना नाम और धर्म बदल लिया. कल तक प्रदीप नाम से बुलाए जाने वाला शख्स अब अब्दुल रहीम ने नाम से पुकारा जाने लगा और बरेली से भागकर प्रदीप मुरादाबाद के करूला मोहल्ले में रहने लगा. यहां उसने एक मुस्लिम विधवा महिला से शादी भी कर ली थी.
ऐसे खुला मामला
बरेली पुलिस ने बताया कि मामले में हाई कोर्ट ने 16 अक्टूबर 2025 को एक आदेश दिया था. इसमें कोर्ट ने कहा कि प्रदीप को चार हफ्ते के अंदर गिरफ्तार किया जाए और बरेली के सीजेएम (CJM) के सामने पेश किया जाए. इस आदेश के बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने सीओ नगर प्रथम आशुतोष शिवम की निगरानी में एक विशेष टीम बनाई. टीम ने मामले की जांच शुरू की और कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपी के ठिकाने तक पहुंचने की कोशिश में जुट गई.
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नाम और बदला धर्म
इसके लिए पुलिस टीम सबसे पहले प्रदीप के गांव पहुंची. यहां पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि प्रदीप करीब 36 साल से गायब है. पुलिस ने प्रदीप के भाई सुरेश बाबू और पत्नी ने पूछताछ की. यहां से जानकारी मिली की कि प्रदीप ने मुस्लिम धर्म अपना लिया है. वो मुरादाबाद के करूला मोहल्ले में रहकर ड्राइवर का काम कर रहा है. पुलिस ने बिना किसी देरी के मुरादाबाद पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया.
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एसपी सिटी ने क्या बताया
एसपी सिटी मानुष पारीक ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि साल 1987 में प्रेम नगर थाने में एक केस दर्ज किया गया था. एसपी ने बताया कि इस केस में जो धाराएं थीं उनमें अभियुक्त प्रदीप सक्सेना को सजा हुई थी. लेकिन मामले में वो हाई कोर्ट चला गया. इस बीच उसे पैरोल मिल गई और फरार हो गया. वह पिछले 36 साल से फरार था. कोर्ट के आदेश पर इस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है.
उसने अपनी पहचान छिपाई, अपना हुलिया बदला और धर्म भी बदल लिया, ताकि पुलिस उसे गिरफ्तार न कर सके. उसने अपना नाम अब्दुल हमीद रख लिया था और अपना पता भी बदल दिया था. वह बरेली छोड़कर अपने मूल पता शाही से मुरादाबाद में रहने लगा था. उसने एक मुस्लिम विधवा महिला से शादी भी कर ली थी. 36 साल की फरारी के बाद उसे प्रेम नगर थाने में दर्ज पुराने मामले के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से कोई हथियार या अन्य अवैध सामग्री नहीं मिली है. पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.










