झांसी: पापड़ फ्राई कर रही भाभी को चाकू मार न्यूड भागा देवर, फिर कोरोना काल और अहमदाबाद वाली पूरी कहानी पता चली
Jhansi Murder and Suicide: यूपी के झांसी में प्रेम प्रसंग का खौफनाक अंत. प्रेमनगर में प्रेमी देवर महेंद्र ने भाभी माया पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया और खुद भी सुसाइड कर लिया. पति ने बताया कि कैसे उसने जिस भाई को पनाह दी, उसी ने उसका घर उजाड़ दिया. पढ़ें पूरी वारदात.

उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक रुह कपां देने वाला मंजर सामने आया. अपनी मासूम बेटी के साथ घर में पापड़ फ्राई कर रही महिला पर देवर ऐसे टूटा जिसकी उसने कभी सपने में भी उम्मीद नहीं की थी. महिला के पेट, सीना, गले और मुंह पर चाकू से वार कर देवर बिना कपड़ों के वहां से भाग निकला. महिला की मासूम बेटी वहीं पास थी. बुरी तरह से घायल महिला ने बेटी को इशारे से भाग जाने को कहा. मासूम के पिता का कहना है कि बिटिया भाग गई नहीं तो आरोपी न जाने क्या करता? क्या पता सिरफिरा उसकी भी जान ले लेता. मृतका के पति रो-रोकर कहने लगा- मेरा तो सबकुछ उजड़ गया. मेरी बिटिया समय रहते वहां से भाग गई नहीं तो सिरफिरा भाई उसकी भी जान ले लेता.
ये घटना झांसी जनपद के प्रेमनगर थाना इलाके का है. घटना 28 फरवरी की है. पति काम पर गए थे. मृतका माया (35) बेटी के साथ घर पर थी. वो पापड़ फ्राई कर रही थी. अचानक देवर महेंद्र घर में घुसा और माया पर अटैकिंग हो गया. उसके सिर पर खून सवार था. उसने चाकू से तबाड़तोड़ माया पर हमला करने लगा. पेट, सीना, गला, मुंह हर जगह चाकू मारकर लहूलुहान कर दिया. ये सब देख मासूम बेटी चीखने लगी. अधमरी हो चुकी माया ने उसे इशारे से भाग जाने को कहा.
वहां से न्यूड होकर भागा महेंद्र और कर लिया सुसाइड
इधर महेंद्र के कपड़े खून से लथपथ हो गए. वो कपड़े वहीं खोलकर निर्वस्त्र ही भागा. घटना की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी करनी शुरू की. इससे पहले कि पुलिस आरोपी महेंद्र को पकड़ पाती उसने पुलिस थाने से महज 300 मीटर की दूरी पर एक पेड़ पर फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया. पुलिस ने माया को अस्पताल में भर्ती कराया और महेंद्र का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इधर गंभीर हालत में भर्ती माया जिंदगी और मौत के बीच झूलती रही. आखिरकार उसने 2 मार्च की सुबह दम तोड़ दिया.
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महेंद्र ने भाभी को मार क्यों लगा लिया फंदा
अब सवाल ये है कि महेंद्र ने भाभी के साथ ऐसा क्यों किया? माया के पति ने बताया कि महेंद्र उसका मौसेरा भाई था. महेंद्र अपने दो भाइयों में सबसे छोटा है. उसकी शादी नहीं हुई थी. बात कोरोना काल की है. पहले लॉकडाउन के दौरान अहमदाबाद में माया से मुलाकात हुई. कुछ दिन दोनों मिले और प्यार हो गया. पहली लहर खत्म हुई. ऐसा लगा जैसे जीवन पटरी पर आ जाएगा. पहली पर मास्क, सैनिटाइजर और लॉकडाउन जैसे शब्दों से लोग रूबरू हुए थे.
इधर माया और राकेश साहू का प्यार परवान चढ़ रहा था. देखते-देखते कोरोना की दूसरी लहर आ गई. इधर राकेश और माया ने रीति-रीवाज से एक-दूसरे से शादी कर ली. शादी से पहले तक महेंद्र मौसेरे भाई राकेश के साथ ही रहता था. शादी के बाद राकेश ने बगल वाले मकान में रहने चला गया. सबकुछ ठीक चलता रहा...तब तक जब तक महेंद्र ने दोनों के लव लाइफ में एंट्री नहीं मारी.
जिसे रहने को छत और खाने को रोटी दी उसने सब उजाड़ दिया
राकेश ने सुबकते हुए बताया- जिस मौसेरे भाई को अहमदाबाद में रहने को छत और खाने को रोटी दिया उसने मेरा ही परिवार उजाड़ दिया. दरअसल महेंद्र के पिता की डेथ के बाद राकेश उसे लेकर अहमदाबाद आया. यहां उसने उसे काम दिलाया. अपने साथ रखा. दो जून की रोटी दी. इधर राकेश की पत्नी माया पर महेंद्र ने बुरी नजर डालनी शुरू कर दी. देखते-देखते माया भी उसके प्यार में पागल हो गई. राकेश के काम पर चले जाने के बाद दोनों का प्यार परवान चढ़ने लगा.
माया छत्तीसगढ़ की रहने वाली थी. डेढ़ साल पहले वो अपने मायके चली गई. महेंद्र ने राकेश से कहा कि वो भाभी को ले आने के लिए उसके मायके जा रहा है. राकेश को लगा कि वो उसकी पत्नी को लेकर अहमदाबाद आएगा पर ऐसा हुआ नहीं. पता चला महेंद्र भाभी माया को लेकर दिल्ली चला गया है. तब राकेश को दोनों के मोहब्बत की खबर लगी.
माया और महेंद्र में ब्रेक-अप हो गया फिर...
इधर माया और महेंद्र यानी देवर-भाभी में ब्रेक-अप हो गया. माया घर लौट आई. परिजनों को खूब समझाया तो वो पति राकेश के साथ रहने को राजी हो गई. राकेश ने बताया कि वो 3 महीने पहले माया को लेकर झांसी अपने घर आ गया और यहां गाड़ी चलाने लगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राकेश पर महेंद्र ने कुछ दिनों पहले कॉल कर माया और उसे जान से मारने की धमकी दी थी. राकेश ने पता किया तो पता चला कि वो अहमदाबाद में है. ऐसे में उसने उसकी धमकी को नजरअंदाज कर दिया.
घटना वाले दिन क्या हुआ?
महेंद्र झांसी आया और प्रेमनगर के नैनागढ़ में राकेश के मकान का दरवाजा खटखटाया. उस वक्त राकेश माल ढुलाई के लिए गाड़ी लेकर निकला था. उसने घर का दरवाजा भीतर से बंद कर दिया और माया पर हमला बोल दिया. माया के इशारे पर बेटी भागी और छत पर जाकर चीखने लगी. पड़ोसी पहुंचे तो माया खून से लथपथ थी. महेंद्र बिना कपड़ों के भाग रहा था. पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी.
ऑटो वाले से मदद मांगी, गार्ड ने भी भगा दिया
महेंद्र के शरीर पर कपड़े नहीं थे. उसने एक ऑटोरिक्शा में चढ़ने की कोशिश की. सफल नहीं हुआ तो आगे भागा. एक मकान के बाहर खड़े गार्ड से मदद मांगी पर उन्होंने भगा दिया. माना जा रहा है कि कपड़े मिल जाते तो वो भाग जाता पर ऐसा हुआ नहीं. वो बिना कपड़ों के दौड़ता रहा.
CCTV से पुलिस पहुंची उस पेड़ तक
इधर पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले. देखा कि महेंद्र एक स्थान पर जाकर उससे आगे नहीं बढ़ता है. यानी उसके आगे कहां गया ये नहीं दिखता है. पुलिस को लगा कि उसी इलाके में महेंद्र कहीं छुपा है. जब गहनता से जांच की गई तो वो एक पेड़ पर फंदे से लटका हुआ मिला. यानी 28 फरवरी को उसने माया पर हमला किया और उसी दिन उसने सुसाइड कर लिया. इधर माया ने 2 मार्च को अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.










