शंकराचार्य का तीखा हमला! 'बुलडोजर भाजपा' और डिप्टी सीएम के सवालों पर दिया ऐसा जवाब कि सब रह गए दंग

Shankaracharya Controversy: ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने ऊपर लगे आरोपों और डिप्टी सीएम से जुड़ी चर्चाओं पर चुप्पी तोड़ते हुए तीखा जवाब दिया है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बुलडोजर भाजपा पर कटाक्ष किया और साजिश का आरोप लगाया. जानिए पूरे विवाद, राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और शंकराचार्य के बयान की बड़ी बातें.

Shankaracharya Controversy Update
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ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इन दिनों विवादों के केंद्र में हैं. बटुकों के साथ कथित यौन शोषण के आरोपों और मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि की खबरों के बीच, शंकराचार्य ने मीडिया के सामने आकर अपनी चुप्पी तोड़ी है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने न केवल अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई दी, बल्कि उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम और भाजपा को लेकर भी कई तीखे बयान दिए.

आशुतोष ब्रह्मचारी के आरोपों पर जवाब

इस पूरे विवाद में एक नया मोड़ तब आया जब आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य और प्रदेश के एक डिप्टी सीएम के बीच साठगांठ का आरोप लगाया. आशुतोष ब्रह्मचारी ने बिना नाम लिए दावा किया था कि एक डिप्टी सीएम ने शंकराचार्य से कहा था कि 'आप धरने पर बैठिए और जब मैं आकर पानी पिलाऊंगा, तभी धरना समाप्त करना'. जब प्रेस वार्ता में शंकराचार्य से इस 'डिप्टी सीएम' के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने चुटीले अंदाज में कहा कि प्रदेश में दो डिप्टी सीएम हैं, रिपोर्टर्स को उन्हीं से पूछना चाहिए था कि वे किसकी बात कर रहे हैं.

'दो तरह की भाजपा' और बुलडोजर का जिक्र

शंकराचार्य ने भाजपा की वर्तमान कार्यशैली पर भी कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि आज के समय में भाजपा दो हिस्सों में बंटी दिखती है. एक 'पारंपरिक भाजपा' जो हिंदुओं के पक्ष में खड़ी रहती थी, और दूसरी वह जो केवल एक जाति विशेष को लेकर चल रही है और दूसरों पर 'डंडा' मार रही है. उन्होंने आगे बुलडोजर भाजपा का जिक्र करते हुए कहा कि यह वह पक्ष है जो न्याय-अन्याय देखे बिना बस बुलडोजर चला देता है. उन्होंने संकेत दिया कि उनके खिलाफ बोलने वाले शायद इसी बुलडोजर वाली विचारधारा से प्रभावित हैं.

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विवादों के घेरे में शंकराचार्य

गौरतलब है कि कथित पीड़ित बटुकों की मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होने की बात सामने आने के बाद शंकराचार्य की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. उनके खिलाफ लगातार बयानों का सिलसिला जारी है. हालांकि, शंकराचार्य ने मीडिया के सामने आकर हर सवाल का जवाब देने की कोशिश की और इसे अपने खिलाफ एक बड़ी साजिश करार दिया. उन्होंने राजनीतिक दलों (सपा-बसपा) के इस मामले में शामिल होने की चर्चाओं पर भी अपनी राय रखी और कहा कि भाजपा का नाम न लेना यह दर्शाता है कि बोलने वाला व्यक्ति स्वयं किस पक्ष से है.

राजनीतिक गलियारों में हलचल

शंकराचार्य के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. एक तरफ जहां धार्मिक विवाद गहराता जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ डिप्टी सीएम और बुलडोजर नीति पर की गई टिप्पणियों ने इसे राजनीतिक रंग दे दिया है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और संबंधित डिप्टी सीएम इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और यह कानूनी लड़ाई किस मोड़ पर जाकर खत्म होती है.

यहां देखें वीडियो

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