बुलंदशहर की शिखा का UPSC AIR 113वीं रैंक पर दावा फर्जी! नाम देखकर मना लिया IAS बनने का जश्न, असली शिखा की जानकारी आई सामने

UPSC 113th Rank Controversy: UPSC 2025 के रिजल्ट में बुलंदशहर की शिखा गौतम ने 113वीं रैंक का झूठा दावा किया. घर में जश्न भी मना लिया, लेकिन जांच में सामने आया कि वो मेंस तक नहीं पहुंची थीं. असली 113वीं रैंक दिल्ली की शिखा की है जो हरियाणा सरकार में BDPO हैं. शिखा और परिवार ने गलती मान ली.

UPSC 113th Rank Controversy
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UPSC 113th Rank Controversy: UPSC सिविल सर्विसेज 2025 का रिजल्ट आने के बाद रैंक 301 के बाद रैंक 113 पर बड़ा विवाद सामने आया है. उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की रहने वाली शिखा गौतम ने दावा किया था कि उन्होंने परीक्षा में 113वीं रैंक हासिल की है. लेकिन यह दावा पूरी तरह झूठा साबित हुआ.

6 मार्च को रिजल्ट घोषित होते ही शिखा गौतम की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी. घर में जश्न मनाया गया, दादा की आंखों में खुशी के आंसू आ गए और गांव में ढोल-नगाड़े बजाए गए. लेकिन असलियत कुछ और ही थी.

जानकारी के अनुसार, बधाई देने पहुंचे अधिकारियों मे जब बुलंदशहर की शिखा से दस्तावेज मांगे तो वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाई, वहीं खबर यह भी है कि रोहतक की शिखा ने बुलंदशहर में किसी अधिकारी से संपर्क कर इसकी जांच की तो पूरा मामला खुला, हालांकि जांच को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं है. वहीं अब शिखा और उनके परिजनों ने अपनी गलती मान ली है और माफी मांगी है.

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शिखा गौतम ने क्या कहा?

शिखा गौतम ने खुद स्वीकार किया कि उनसे गलती हो गई. उन्होंने बताया कि उन्होंने सिर्फ PDF में अपना नाम देखा था और उसी आधार पर चयन मान लिया. उन्होंने कहा कि उन्होंने रोल नंबर चेक नहीं किया, जिससे यह भ्रम पैदा हुआ. बाद में उन्हें पता चला कि चयन किसी दूसरी शिखा का हुआ है.

पिता प्रेमचंद्र ने क्या कहा?

शिखा गौतम के पिता प्रेमचंद्र ने बताया कि जब रिजल्ट आया तो उनकी बेटी ने सिर्फ PDF में नाम देखकर अपने चयन की बात बताई थी. उस समय परिवार घर पर नहीं था. वे अपनी पत्नी के ऑपरेशन के सिलसिले में बाहर गए हुए थे. जब उन्हें खबर मिली तो पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई.
प्रेमचंद्र के अनुसार, बाद में पता चला कि जिस शिखा का चयन हुआ था, वह कोई और उम्मीदवार है.

113वीं रैंक किसकी है?

दिल्ली की शिखा फिलहाल हरियाणा सरकार में रोहतक जिले के सांपला में ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) के पद पर तैनात हैं.जानकारी के अनुसार, शिखा ने UPSC को ईमेल भेजकर स्पष्टीकरण की मांग की है.

दिल्ली से अर्थशास्त्र (ऑनर्स) की डिग्री हासिल करने वाली शिखा ने यह भी बताया कि उन्होंने CDS में 7वीं रैंक पाई थी, लेकिन उसी साल हरियाणा सिविल सेवा में चयन हो जाने के कारण CDS ज्वाइन नहीं किया. मई 2025 में उन्होंने हरियाणा सरकार में कार्यभार संभाला था.

हालांकि, अभी तक UPSC की ओर से आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि 113वीं रैंक दिल्ली की शिखा की ही है.

रैंक-301 का विवाद भी हुआ था विवाद

यह पहला मामला नहीं था. इससे दो दिन पहले UPSC ने रैंक-301 को लेकर भी विवाद हुआ था. उत्तर प्रदेश के गाजीपुर और बिहार के आरा की आकांक्षा सिंह ने एक ही रैंक पर दावा ठोका था. इसके बाद
UPSC की तरफ से बताया गया कि कि रैंक-301 गाजीपुर की आकांक्षा सिंह की है, जिनके पिता का नाम रणजीत सिंह और मां का नाम नीलम सिंह है तथा रोल नंबर 0856794 है.

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