इच्छा मृत्यु के फैसले के बाद फफक-फफक कर रो पड़ीं हरीश राणा की मां, पिता ने परमात्मा का धन्यवाद करते हुए सब बताया
Harish Rana case: गाजियाबाद के हरीश राणा के माता-पिता तीन साल से बेटे की इच्छा मृत्यु के लिए अदालतों के चक्कर काट रहे थे. 13 साल से कोमा में पड़े बेटे के लिए सुप्रीम कोर्ट से आखिरकार पैसिव यूथेनेशिया की मंजूरी मिल गई. फैसला आते ही मां रो पड़ीं और पिता ने कहा-अब बेटे को कष्ट से मुक्ति मिलेगी.
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Harish Rana case
Harish Rana Ghaziabad story: बेटे हरीश राणा की इच्छा मृत्यु के लिए 3 सालों से लड़ाई लड़ रहे माता-पिता को सुप्रीम कोर्ट से परमिशन मिल गई है. दिखने में हैंडसम...यंग और प्रतिभावन छात्र हरीश राणा पर मां-पिता को बेहद गर्व था. 13 साल पहले चंडीगढ़ में हरीश एक हादसे का शिकार हो गए. पैरेंट ने उन्हें बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा लिया. मां अनवरत 13 सालों से बेटे हरीश की सेवा करती रही पर बेटा कोमा से नहीं उठा. बेटे का कोई भी अंग काम नहीं कर रहा था. ऐसे में मां-पिता बेटे की इच्छा मृत्यु चाहते थे.