धर्मशाला: गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज की छात्रा की मौत, पिता का आरोप- रैगिंग और प्रोफेसर की आपत्तिजनक हरकतों से परेशान थी बेटी

धर्मशाला के गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज की 19 वर्षीय छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई. परिजनों ने कॉलेज में रैगिंग और एक प्रोफेसर पर आपत्तिजनक हरकतों के गंभीर आरोप लगाए हैं. मौत के पांचवें दिन पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.

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छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई.
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धर्मशाला के गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज में पढ़ने वाली 19 साल की छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई. मौत के बाद पिता ने अंतिम संस्कार कर पांचवे दिन थाने में मामला दर्ज कराया. परिजनों का आरोप है कि छात्रा कॉलेज में सीनियर्स की रैगिंग से परेशान थी. आरोप है कि छात्रा के साथ प्रोफेसर ने आपत्तिजनक हरकतें करते थे. इससे वो काफी डर गई थी और मानसिक रूप से परेशन रहने लगी थी. 

कथित उत्पीड़न के बाद छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराया गया. उसकी हालत बिगड़ गई. हिमाचल के कई अस्पतालों में उसका इलाज चला और बाद में छात्रा को लुधियाना के दयानंद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (DMC) रेफर कर दिया गया. 26 दिसंबर 2025 को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इधर पीड़िता के पिता ने 1 जनवरी, 2026 को धर्मशाला पुलिस में एक औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी. पीड़िता का परिवार धर्मशाला के पास सिधबाड़ी का रहने वाला है. 

क्या है पूरा मामला?  

शिकायत के मुताबिक यह घटना 18 सितंबर 2025 को हुई थी. तब तीन सीनियर छात्राएं, हर्षिता, आकृति और कोमोलिका ने कथित तौर पर पीड़िता के साथ रैगिंग की और मारपीट भी की.  सीनियर छात्राओं ने डराया धमकाया. शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कॉलेज के एक प्रोफेसर, अशोक कुमार ने कथित तौर पर उसके साथ अश्लील हरकतें कीं, जिससे छात्रा बहुत डर गई और मानसिक रूप से परेशान हो गई. 

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शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 (यौन उत्पीड़न), 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), और 3(5) (सामान्य इरादे से आपराधिक धमकी) के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम, 2009 की धारा 3 के तहत FIR नंबर 03/2026 दर्ज की. आरोपियों में तीन सीनियर छात्राएं, हर्षिता, आकृति और कोमोलिका, और प्रोफेसर अशोक कुमार शामिल हैं. 

यौन उत्पीड़न का आरोप बाद में जोड़ा गया- पुलिस

धर्मशाला के पुलिस अधीक्षक अशोक रतन ने कहा कि FIR दर्ज कर ली गई है और मामले की शुरुआती जांच चल रही है. उन्होंने बताया कि पहले शिकायतें सिर्फ छात्राओं के खिलाफ थीं और नए तथ्य सामने आने के बाद यौन उत्पीड़न के आरोप बाद में जोड़े गए. एसपी ने कहा, "मामले की सक्रिय रूप से जांच चल रही है. यौन उत्पीड़न को शुरू में शामिल नहीं किया गया था. जैसे-जैसे और तथ्य सामने आए, संबंधित धाराएं जोड़ी गईं. निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी." पुलिस ने बताया कि बीमारी के दौरान पीड़िता को कम से कम सात अस्पतालों में भर्ती कराया गया था. घटनाओं के क्रम और मौत के कारण का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है. 

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