राजगीर के होटल में मुंह पर टेप, हाथ बंधे... 4 टूरिस्टों की खौफनाक मौत; अतीत में छिपा है डरावनी मौत का राज?
Rajgir Hotel Death Mystery: राजगीर के एक होटल में चार पर्यटकों की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी है. कमरे के अंदर मुंह पर टेप और हाथ बंधे शव मिलने से मामला रहस्यमय बन गया. जांच में आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव और पुराने आपराधिक मामले का कनेक्शन सामने आ रहा है. जानिए राजगीर होटल डेथ केस की पूरी कहानी और पुलिस जांच की ताजा अपडेट.

राजगीर जैसी ऐतिहासिक और शांत जगह पर चार पर्यटकों की ऐसी मौत की कहानी सामने आएगी, यह किसी ने नहीं सोचा था. 31 जनवरी को मुस्कुराते हुए होटल में चेक-इन करने वाले चार लोगों की खौफनाक हकीकत 6 फरवरी को बदबू के साथ बाहर आई. कमरे के अंदर मुंह पर टेप और बंधे हुए हाथ का दृश्य रूह कंपा देने वाला था. लेकिन जब पुलिस ने जांच की, तो पता चला कि यह केवल एक मौत नहीं, बल्कि सालों के मानसिक तनाव, कर्ज और भांजे की हत्या के बोझ तले दबे एक परिवार की खौफनाक कहानी है. आइए विस्तार से जानते हैं इस सनसनीखेज मामले की पूरी कहानी.
होटल के कमरे में 'डरावना' मंजर
यह घटना 31 जनवरी को राजगीर पहुंचे एक पुरुष और तीन महिलाओं से जुड़ी है. होटल मैनेजर के अनुसार, ये चारों लोग बेंगलुरु से नेपाल घूमने के बाद राजगीर आए थे और उन्हें पावापुरी जल मंदिर जाना था. 2 फरवरी के बाद कमरे से कोई हलचल नहीं हुई और जब 6 फरवरी को कमरे से तेज बदबू आने लगी, तो पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा खोला गया. अंदर 50 वर्षीय नागा प्रसाद और तीन महिलाओं के शव सड़ी-गली हालत में मिले.
कौन थे मृतक और क्या मिले सबूत?
पुलिस को मौके से ₹18,000 नगद, भारी मात्रा में नींद की गोलियां और एंटी-डिप्रेशन की दवाइयों के 25 पत्ते बरामद हुए हैं. मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
यह भी पढ़ें...
- नागा प्रसाद (50 वर्ष): इंजीनियरिंग ग्रेजुएट, बेरोजगार.
- सुमंगला देवी (78 वर्ष): नागा की मां.
- शिल्पा (48 वर्ष): नागा की बहन.
- सुधा (43 वर्ष): नागा की बहन.
चौंकाने वाला खुलासा: आरोपी था नागा प्रसाद!
बेंगलुरु पुलिस और रिश्तेदारों से मिली जानकारी ने इस केस में बड़ा मोड़ ला दिया है. पता चला है कि नागा प्रसाद अपने 14 वर्षीय भांजे की हत्या के आरोप में जेल जा चुका था. भांजा ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी का आदी था, जिससे तंग आकर नागा ने उसकी जान ले ली थी. नागा जुलाई में ही जेल से बाहर आया था.
मौत की वजह: आर्थिक तंगी या 'मोक्ष'?
जांच में सामने आया है कि पूरा परिवार भारी कर्ज में डूबा हुआ था और नागा प्रसाद लंबे समय से बेरोजगार था. रिश्तेदारों का कहना है कि भांजे की हत्या के बाद पूरा परिवार गहरे मानसिक तनाव और 'गिल्ट' में था. आशंका जताई जा रही है कि आर्थिक तंगी और मानसिक अस्वस्थता के चलते पूरे परिवार ने सामूहिक आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया.
पुलिस का पक्ष
दरवाजा अंदर से बंद होने और कमरे पर ताला लगा होने के कारण पुलिस इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला मान रही है, लेकिन हाथ बंधे होने और मुंह पर टेप लगे होने के रहस्य की जांच अभी जारी है. पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है कि आखिर खुद को मारने के लिए उन्होंने इतने खौफनाक तरीके का इस्तेमाल क्यों किया.










