Gold Silver Price Today: सोने की बढ़ती कीमतों के बीच दुनिया के सबसे सफल निवेशक Ray Dalio ने दी ये चेतावनी!

Gold Silver Price Latest Update : दुनिया के दिग्गज निवेशक Ray Dalio की चेतावनी ने ग्लोबल मार्केट में हलचल मचा दी है. सोने की कीमत 5240 डॉलर प्रति आउंस के पार पहुंच चुकी है. डैलियो इसे मुनाफे का संकेत नहीं, बल्कि कमजोर होते वित्तीय सिस्टम और कागजी मुद्रा पर घटते भरोसे की शुरुआत मानते हैं.

Gold Silver Price Update
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Gold Silver Price : इमेजिन कीजिए कि एक ऐसी सुबह हो जब आपके हाथ में मौजूद नोटों की कीमत अचानक कम होने लगे और पूरी दुनिया में अफरातफरी मच जाए. कुछ ऐसा ही अंदेशा दुनिया के सबसे दिग्गज निवेशकों में शुमार रे डैलियो (Ray Dalio) ने जताया है. इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें 5240 डॉलर प्रति आउंस के पार जा चुकी हैं. लेकिन डैलियो के मुताबिक यह सिर्फ मुनाफे की बात नहीं है. यह एक ऐसे दौर की शुरुआत है जहां बरसों पुराना वित्तीय सिस्टम अब धीरे धीरे दम तोड़ रहा है. लोग अपनी मेहनत की कमाई को बचाने के लिए अब सोने पर भरोसा कर रहे हैं.

कौन हैं Ray Dalio और उनकी चेतावनी ने क्यों मचाई हलचल

दरअसल, Ray Dalio दुनिया के सबसे बड़े हेज फंड ब्रिजवाटर एसोसिएट्स के फाउंडर हैं. उन्हें दशकों पहले ही आर्थिक चक्रों और वित्तीय संकटों को भांप लेने के लिए जाना जाता है. डैलियो का मानना है कि सोने की मौजूदा रैली कोई सामान्य घटना नहीं है. उनके अनुसार बढ़ता सरकारी कर्ज, देशों के बीच बढ़ता तनाव और वैश्विक नेतृत्व पर कम होता भरोसा एक बड़े बदलाव को जन्म दे रहा है. आज निवेशक सिर्फ पैसा कमाने के लिए नहीं, बल्कि राजनैतिक जोखिमों से बचने के लिए कैपिटल का रुख बदल रहे हैं.

डॉलर पर घटता भरोसा और सेंट्रल बैंकों की नई रणनीति

डैलियो का तर्क है कि अमेरिका को अपनी अर्थव्यवस्था चलाने के लिए विदेशी पूंजी की जरूरत है. लेकिन अब दूसरे देशों को डर सता रहा है कि कहीं प्रतिबंधों या नीतियों की वजह से उनका पैसा फंस न जाए. यही वजह है कि दुनिया भर के सेंट्रल बैंक अब अमेरिकी ट्रेजरी जैसे पारंपरिक एसेट्स से हटकर सोने के भंडार को तेजी से बढ़ा रहे हैं. डैलियो इसे एक बड़ा असंतुलन मानते हैं जहां एक देश की समस्या पूरी दुनिया को हिला रही है और सोना इस असुरक्षा के बीच सबसे सुरक्षित ठिकाना बनकर उभरा है.

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क्या कागज की मुद्रा का दौर अब खत्म होने वाला है?

ऐतिहासिक रूप से जब भी बड़े राजनीतिक टकराव हुए हैं इस दौरान सोने की मांग बढ़ी है. डैलियो के अनुसार, ब्रिटेन, यूरोप, चीन और जापान जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाएं कर्ज के बोझ तले दबी हैं. जब सरकारें लगातार पैसा छापती हैं तो करेंसी की साख गिरने लगती है. सोना एक ऐसा एसेट है जिसे छापा नहीं जा सकता. इसलिए यह किसी सरकार के फैसले पर निर्भर नहीं करता. अब दुनिया एक ऐसी व्यवस्था की ओर बढ़ रही है जहां केवल डॉलर का बोलबाला नहीं होगा बल्कि सोना मुख्य मुद्रा के रूप में अपनी जगह फिर से बना रहा है.

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