दिल्ली: देखते ही देखते कुछ पलों में ही अचानक खिलौने की तरह पलटी DTC बस, रोंगटे खड़े करने वाला वीडियो आया समाने
Delhi Bus Viral Video: राजधानी दिल्ली के बुराड़ी डिपो से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जहां एक इलेक्ट्रिक डीटीसी बस अचानक पलट गई. ड्राइवर की लापरवाही और तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह बताया जा रहा है. गनीमत यह रही कि हादसा डिपो के अंदर हुआ, वरना सड़कों पर बड़ी अनहोनी हो सकती थी.

DTC Bus Accident: राजधानी दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली डीटीसी (DTC) बसों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. दिल्ली के बुराड़ी डिपो के अंदर एक डीटीसी इलेक्ट्रिक बस के पलटने का खौफनाक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक आधुनिक इलेक्ट्रिक बस चंद सेकंडों में खिलौने की तरह सड़क पर पलट गई.
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना बुराड़ी डिपो के भीतर की है. बताया जा रहा है कि बस डिपो के अंदर काफी तेज गति में थी. जैसे ही ड्राइवर ने बस को एक मोड़ पर मोड़ने की कोशिश की, बस असंतुलित होकर एक तरफ पलट गई. गनीमत यह रही कि उस समय बस में कोई भी सवारी मौजूद नहीं थी. बस सवारियों को उनके गंतव्य पर उतारने के बाद डिपो में वापस लौटी थी, जिसके कारण एक बहुत बड़ा हादसा टल गया और कोई हताहत नहीं हुआ.
कांट्रैक्ट ड्राइवरों पर उठे सवाल
इस घटना के बाद डीटीसी कर्मचारियों और यूनियनों ने अपनी नाराजगी जाहिर की है. यूनियन का आरोप है कि डीटीसी में तैनात किए जा रहे कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवरों को बिना उचित प्रशिक्षण और पूरी जांच के रखा जा रहा है. ड्राइवरों की यही अनुभवहीनता और लापरवाही अक्सर सड़कों पर बड़े हादसों का कारण बनती है. इस मामले में भी कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवर की तेज रफ्तार को ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा है.
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ईवी बसों की सुरक्षा और डिजाइन पर बहस
हादसे के बाद इलेक्ट्रिक बसों (EV) की डिजाइन को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है. विशेषज्ञों और यूनियन सदस्यों का कहना है कि पलटने वाली बस की लंबाई करीब 9 मीटर थी. आने वाले दिनों में दिल्ली सरकार 7 मीटर वाली 'मोहल्ला बसें' लाने की योजना बना रही है. जानकारों का मानना है कि छोटी और ऊंची बसों के मोड़ पर पलटने का खतरा और भी अधिक होता है, खासकर जब उन्हें तेज रफ्तार में चलाया जाए.
क्या राम भरोसे है दिल्ली वालों का सफर?
पिछले कुछ महीनों में दिल्ली की सड़कों पर डीटीसी बसों से होने वाले हादसों की संख्या में इजाफा हुआ है. ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या लाखों यात्रियों की सुरक्षा केवल 'राम भरोसे' है? अगर यही हादसा डिपो के बजाय व्यस्त सड़क पर होता, तो कई लोगों की जान जा सकती थी. वर्तमान में नियम यह है कि हादसे के बाद ड्राइवर को 10-15 दिन के लिए सस्पेंड कर दिया जाता है या बस के नुकसान की भरपाई उसी के वेतन से की जाती है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस नीति नजर नहीं आ रही है.
इनपुट: मनोरंजन कुमार
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