MP के किसानों की मौज! अब हर महीने मिलेंगे 3000 रुपये, जानें क्या है सरकार की ये खास स्कीम
प्रधानमंत्री किसान मानधान योजना के तहत मध्य प्रदेश के 18 से 40 वर्ष की आयु वाले किसानों को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3,000 रुपये की सुरक्षित पेंशन दी जाएगी. इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर मामूली मासिक अंशदान और जरूरी दस्तावेजों के साथ अपना पंजीकरण करा सकते हैं.

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी है. अब आपको सिर्फ किसान सम्मान निधि के भरोसे रहने की जरूरत नहीं है. केंद्र सरकार की एक विशेष योजना के तहत किसानों को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 रुपये की पेंशन दी जाएगी.
मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान हैं. किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार नई योजनाएं लाती रहती हैं. इसी कड़ी में 'प्रधानमंत्री किसान मानधान योजना' (PM-KMY) किसानों के लिए एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है.
क्या है प्रधानमंत्री किसान मानधान योजना?
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यह एक स्वैच्छिक और अंशदान आधारित पेंशन योजना है. इसमें शामिल होने वाले किसानों को 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद हर महीने 3,000 रुपये (यानी सालाना 36,000 रुपये) की न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन प्रदान की जाती है.
कौन उठा सकता है लाभ?
- आयु सीमा: आवेदक की उम्र 18 साल से 40 साल के बीच होनी चाहिए.
- किसान श्रेणी: प्रदेश के छोटे और सीमांत किसान इस योजना के पात्र हैं.
- किस्त: योजना में शामिल होने पर आपको अपनी उम्र के हिसाब से 55 रुपये से लेकर 200 रुपये तक का मासिक अंशदान (किस्त) देना होगा.
कौन नहीं बन सकता इस योजना का हिस्सा?
जो किसान एनपीएस (NPS), ईएसआईसी (ESIC) या ईपीएफ (EPF) से जुड़े हैं.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
यदि आप इस योजना के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज होने चाहिए
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- जमीन के कागजात (खसरा-खतौनी)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- ऑटो डेबिट फॉर्म (बैंक से किस्त कटने की अनुमति हेतु)
कैसे करें आवेदन?
किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं. वहां वीएलई (VLE) आपका फॉर्म भरेगा. आवेदन के बाद आपको एक यूनिक 'पेंशन नंबर' मिलेगा. आप किस्त जमा करने के लिए मासिक, त्रैमासिक, छमाही या वार्षिक विकल्प चुन सकते हैं.
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