BMC Election 2026: क्या फिर चलेगा महायुति का जादू? सी-वोटर के ताजा सर्वे ने चौंकाया
BMC Election 2026: महाराष्ट्र बीएमसी चुनाव 2026 को लेकर आए सी-वोटर सर्वे में महायुति गठबंधन को बड़ी बढ़त मिलती दिख रही है. सर्वे के अनुसार, 53% लोग मानते हैं कि महायुति 2024 जैसा शानदार प्रदर्शन दोहराएगी, जबकि केवल 18% लोगों ने अलग राय रखी है.

BMC Election 2026: महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इसी बीच C-Voter का नया सर्वे सामने आया है. इस सर्वे में लोगों से आने वाले निकाय चुनाव और बड़े नेताओं को लेकर राय पूछी गई. सर्वे के नतीजे इशारा कर रहे हैं कि फिलहाल महायुति गठबंधन का पलड़ा काफी भारी नजर आ रहा है.
क्या महायुति दोहरा पाएगी 2024 जैसा प्रदर्शन?
महाराष्ट्र की जनता के बीच हुए इस सर्वे में यह जानने की कोशिश की गई कि क्या महायुति गठबंधन (भाजपा, शिंदे गुट और अजित पवार गुट) साल 2024 की तरह इस बार भी अपना दबदबा कायम रख पाएगा.

सर्वे में शामिल 53 प्रतिशत लोगों ने पूरे भरोसे के साथ "हां" में जवाब दिया है. उनका मानना है कि महायुति एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करेगी. वहीं, केवल 18 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिन्हें लगता है कि इस बार गठबंधन को वैसी सफलता नहीं मिलेगी.
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ठाकरे बंधुओं की जोड़ी से मिलेगा मराठी वोट?
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के एक साथ आने को भी अहम माना गया है. 61 प्रतिशत लोगों का कहना है कि इससे मराठी वोटों का फायदा मिलेगा. केवल 14 प्रतिशत लोगों को लगता है कि इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा. हाल के दिनों में दोनों नेताओं की मुलाकातों को लेकर काफी चर्चा भी हुई है.

क्या ठाकरे नाम अब भी बड़ा राजनीतिक ब्रांड है?
ठाकरे परिवार को लेकर भी सवाल पूछा गया. 72 प्रतिशत लोगों ने माना कि ठाकरे नाम आज भी महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा ब्रांड है.

ठाकरे परिवार का सबसे बड़ा उत्तराधिकारी कौन?
जब उत्तराधिकार की बात आई तो 41 प्रतिशत लोगों ने उद्धव ठाकरे को सबसे आगे माना. 28 प्रतिशत लोगों ने एकनाथ शिंदे का नाम लिया और 10 प्रतिशत ने राज ठाकरे का समर्थन किया.

क्या मुंबई का मेयर मराठी होना चाहिए?
मराठी अस्मिता को लेकर भी लोगों की राय सामने आई. 62 प्रतिशत लोगों ने कहा कि मुंबई का अगला मेयर मराठी होना चाहिए. 21 प्रतिशत लोग इससे सहमत नहीं हैं.

कुल मिलाकर, C-Voter के इस सर्वे से पता चलता है कि आने वाले बीएमसी चुनाव में मुकाबला कड़ा रहने वाला है. महायुति, ठाकरे परिवार और मराठी वोट बैंक सभी चुनाव में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.










