Shesh Bharat: तेलंगाना में नया पावर गेम! रेवंत-ओवैसी की नई केमिस्ट्री से KCR आउट, बीजेपी के लिए बजी खतरे की घंटी?
Shesh Bharat: तेलंगाना के नगर निकाय चुनावों ने राजनीति की पूरी पटकथा बदल दी है. रेवंत रेड्डी और असदुद्दीन ओवैसी की नई सियासी केमिस्ट्री ने न सिर्फ BRS को झटका दिया, बल्कि BJP की रणनीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
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Revanth Reddy and Asaduddin Owaisi alliance: तेलंगाना की सियासत में आज एक ही नाम की गूंज है, सीएम रेवंत रेड्डी. सत्ता में रहने पर एंटी इन्कम्बेंसी की बड़े चांस रहते हैं. रेवंत रेड्डी ने इस मिथ को तोड़कर विधानसभा और लोकसभा के बाद अब स्थानीय निकाय की परीक्षा में भी लोहा मनवा लिया है. 7 नगर निगमों और 116 नगर पालिकाओं के नतीजों ने साफ कर दिया है कि तेलंगाना में केसीआर का 'गुलाबी रंग फीका पड़ चुका है. बीजेपी का भगवा रंग उभर नहीं रहा. कांग्रेस का झंडा ही लहरा रहा है. स्थानीय चुनावों के बाद कुछ सवाल उठे हैं कि क्या तेलंगाना की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है? क्या 'कट्टर दुश्मन' अब 'करीबी दोस्त' बन गए हैं? कभी सदन में एक-दूसरे पर तीखे वार करने वाले रेवंत रेड्डी और असदुद्दीन ओवैसी की केमिस्ट्री आज तेलंगाना के नगर निकाय चुनावों की सबसे बड़ी सुर्ख़ियों में है. ज्यादा पुरानी बात नहीं है. जब रेवंत रेड्डी और ओवैसी भाई एक-दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाते थे. रेवंत उन्हें 'बीआरएस की बी-टीम' कहते थे, तो ओवैसी उन्हें 'आरएसएस का आदमी'. लेकिन सत्ता की चाबी ने सारे समीकरण बदल दिए.