विधानसभा के बाहर बाबा बालमुकुंद और गोविंद सिंह डोटासरा की हुई टक्कर! फिर ऐसा क्या हुआ कि बाबा को देनी पड़ी सफाई

Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा के बाहर उस वक्त अजब-गजब नजारा देखने को मिला जब पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य आमने-सामने हो गए. डोटासरा ने बाबा को कानून का ऐसा पाठ पढ़ाया कि विधायक जी को कैमरे के सामने सफाई देनी पड़ गई.

Balmukund Acharya vs Govind Singh Dotasara
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Balmukund Acharya vs Govind Singh Dotasara: राजस्थान में विधानसभा परिसर के बाहर आज कुछ ऐसा हुआ जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा लिया. अपनी दबंग शैली के लिए पहचाने जाने बजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य का पासा उल्टा पड़ गया. जैसे ही बाबा की गाड़ी विधानसभा के गेट पर रुकी तो वहां पहले से मौजूद पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने उन्हें घेर लिया और एक ऐसी चूक पकड़ ली जिसे देख बाबा भी सकपका गए.

बता दें कि हवामहल से विधायक बालमुकुंद अक्सर सड़कों पर उतरकर अतिक्रमणकारियों और कानून तोड़ने वालों को सबक सिखाते नजर आते हैं, लेकिन आज वो खुद घेरे में आ गए. पीसीसी चीफ ने जब बाबा को टोकना शुरू किया तो वहां मीडिया का जमावड़ा लग गया. मामला  ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़ा था, जिस पर बाबा सफाई देते नजर आए. 

क्या है मामला?

विधानसभा परिसर में आज फिल्मी स्टाइल में एंट्री मारने वाले बाबा बालमुकुंद आचार्य को गोविंद सिंह डोटासरा के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा. डोटासरा ने बाबा की गाड़ी की ओर इशारा करते हुए कहा, "बाबा जी, आप तो कानून के रखवाले बनते हैं, फिर काले शीशों वाली गाड़ी में क्यों घूम रहे हैं? यह तो सीधा-सीधा नियमों का उल्लंघन है."

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यहां देखें खबर का पूरा वीडियो

डोटासरा ने  ली चुटकी 

बता दें कि जिस गाड़ी में विधायक जी सवार होकर आए थे उसके कांच पूरी तरह से ब्लैक फिल्म से ढके हुए थे. सुप्रीम कोर्ट और ट्रैफिक पुलिस के नियमों के अनुसार गाड़ियों पर ब्लैक फिल्म लगाना गैरकानूनी है. डोटासरा ने चुटकी लेते हुए कहा कि बाबा जी खुद दूसरों को परहेज बताते हैं और खुद नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं.

बालमुकुंद ने ये कहा

घिरते देख बाबा बालमुकुंद आचार्य ने बचाव में कहा कि यह गाड़ी उनकी अपनी नहीं है. उन्होंने सफाई दी कि उनकी निजी बोलेरो सर्विस पर गई है, इसलिए वह आज किसी अन्य व्यक्ति की गाड़ी मांगकर लाए हैं. हालांकि, चौंकाने वाली बात यह थी कि उस 'दूसरे की गाड़ी' पर भी विधायक (MLA) का स्टिकर लगा हुआ था और उसे पुलिस एस्कॉर्ट भी मिल रही थी. सोशल मीडिया पर अब यह वीडियो वायरल हो रहा है और लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं, विधायकों के लिए नहीं?

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