चौमूं हिंसा के बाद एक्शन मोड में भजनलाल सरकार, पत्थरबाजों के अवैध ठिकानों पर चला बुलडोजर, चप्पे-चप्पे पर पुलिस

जयपुर के चौमूं में प्रशासन ने आज अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू की है. यह वही इलाका है जहां पहले पुलिस पर पथराव हुआ था. नोटिस की मियाद खत्म होने के बाद कार्रवाई की गई है.

Chomu bulldozer action
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Chomu bulldozer action: चौमूं में मस्जिद के बाहर पत्थर हटाने को लेकर हुए विवाद के बाद अब प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करना शुरू कर दी है. आज सुबह स्थानीय प्रशासन ने पुलिस बल के साथ मिलकर सड़कों पर मौजूद अवैध अतिक्रमण को हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू की है.

प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई उसी इलाके में की है, जहां कुछ दिनों पहले अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस पर जबरदस्त पथराव हुआ था. आज की कार्रवाई के दौरान विरोध से निपटने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात हैं.

सड़क पर लगे ढांचों से लग रहा था जाम

नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, बस स्टैंड और कलंदरी मस्जिद के पास सड़क पर वर्षों से लोहे की रेलिंग और भारी पत्थर पड़े हुए थे. इनके कारण शहर के मुख्य रास्तों पर लंबा जाम लगा रहता था. इसी कारण इन्हें हटाने का फैसला लिया गया है.

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अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई कानून और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की जा रही है. प्रशासन ने बताया कि किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा और केवल सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाया जा रहा है.

दिसंबर के आखिर में शुरू हुआ था विवाद

जयपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित चौमूं के बस स्टैंड क्षेत्र में कलंदरी मस्जिद के पास लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं. दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में इन्हें हटाने की कोशिश शुरू हुई थी

इसके बाद, 25 दिसंबर की रात मस्जिद समिति और नगर निगम के बीच बातचीत हुई थी. बैठक में सड़क पर पड़े बड़े पत्थर हटाने पर सहमति भी बनी थी, लेकिन अगले दिन हालात बदल गए.

कार्रवाई के दौरान हुआ था पथराव

26 दिसंबर की सुबह जब पुलिस और प्रशासन बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे, तो कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया. देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई और पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू हो गई. इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे.

स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हल्का बल प्रयोग किया गया. तनाव को देखते हुए इलाके में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद की गईं थी,

हिंसा के बाद पुलिस ने 110 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया. वहीं, करीब दो दर्जन लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की गई. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च भी निकाला गया.

नोटिस की मियाद खत्म होने पर एक्शन

प्रशासन ने हाल ही में 24 पत्थरबाजों और अवैध निर्माण करने वालों के घरों पर नोटिस चस्पा किए थे. उन्हें 31 दिसंबर तक का समय दिया गया था कि वे खुद अवैध कब्जे हटा लें या जवाब दें. नोटिस की समय सीमा खत्म होने के बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटा तो आज प्रशासन ने खुद बुलडोजर चलाकर सीढ़ियां, रैंप और अवैध बूचड़खानों के ढांचे गिराने शुरू कर दिए.

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