Aravalli Mining Scandal: अरावली काटकर बना दी 6 किमी लंबी अवैध सड़क, सवा करोड़ की रिश्वत में नेता और अधिकारी बेनकाब

राजस्थान के डीग जिले में अरावली पर्वत को काटकर 6 किमी लंबी अवैध सड़क बनाने का सनसनीखेज मामला. हरियाणा एसीडी की 287 पन्नों की चार्जशीट में सवा करोड़ की रिश्वत, इनेलो नेता मोहम्मद हफीज और कई अधिकारियों के नाम शामिल हैं. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

Aravalli Illegal Mining
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राजस्थान की प्राकृतिक सुरक्षा दीवार कही जाने वाली अरावली पर्वतमाला को खनन माफियाओं ने अपनी हवस का शिकार बना लिया है. भरतपुर और नवगठित डीग जिले के पहाड़ी थाना इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हरियाणा एसीडी (एंटी करप्शन डिवीजन) द्वारा दाखिल की गई 287 पन्नों की चार्जशीट ने इस काले खेल के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब कर दिया है.

भ्रष्टाचार की 6 किलोमीटर लंबी सड़क 

जांच में सामने आया है कि राजस्थान और हरियाणा के खनन माफियाओं ने मिलकर राजस्थान की सीमा में स्थित अरावली की पहाड़ियों को काटकर करीब 5 से 6 किलोमीटर लंबी और 30 मीटर से ज्यादा चौड़ी एक पक्की सड़क बना डाली. हैरान करने वाली बात यह है कि इस सड़क को बनाने के लिए न तो कोई अनुमति ली गई और न ही किसी नियम का पालन किया गया. माफियाओं ने अपनी सुविधा के लिए हजारों पेड़ों को काट दिया और पहाड़ को बारूद से उड़ाकर रास्ता तैयार किया ताकि अवैध पत्थरों की सप्लाई हरियाणा तक बिना किसी बाधा के की जा सके.

सवा करोड़ की रिश्वत और नेताओं का गठजोड़ 

हरियाणा एसीडी की चार्जशीट के अनुसार, इस पूरे षड्यंत्र का मुख्य सरगना हरियाणा के इनेलो (INLD) नेता मोहम्मद हफीज को बताया गया है, जो पहले विधायक का चुनाव भी लड़ चुके हैं. आरोप है कि इस सड़क को बनाने और अवैध खनन को जारी रखने के लिए करोड़ों रुपये की रिश्वत अधिकारियों और दलालों के बीच बांटी गई. राजस्थान के कामां और पहाड़ी इलाके के कई स्थानीय नेताओं, अधिकारियों और रॉयल्टी ठेकेदारों के नाम भी इस जांच के घेरे में हैं. रिपोर्ट में रॉयल्टी संचालक कुलदीप भाटी और दौलत फौजदार के बीच हुई गुप्त मुलाकातों और ऑडियो साक्ष्यों का भी जिक्र है.

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प्रकृति के साथ खिलवाड़ 

अरावली की पहाड़ियों का अस्तित्व अब संकट में है. माफियाओं ने खनन इस कदर किया है कि कई जगह पहाड़ियां पूरी तरह गायब हो चुकी हैं और वहां गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिनमें अब पानी भर गया है. अरावली पर्वतमाला न केवल राजस्थान के पर्यावरण को संतुलित रखती है, बल्कि यह मानसूनी हवाओं और बरसात के लिए भी उत्तरदायी है. लेकिन अधिकारियों और माफियाओं के इस अपवित्र गठबंधन ने करोड़ों की काली कमाई के चक्कर में आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को दांव पर लगा दिया है. अब देखना यह है कि एसीडी की इस चार्जशीट के बाद क्या इन बड़े मगरमच्छों पर कोई कड़ी कार्रवाई होती है या फिर फाइलों में यह मामला दबकर रह जाएगा.

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