Rajasthan: खुद को 'ईमानदार' बताने वाले दरोगा जी राजेश मीणा का अय्याशी वाला वीडियो वायरल, विधायक पर लगाया था पीटने का आरोप

अजमेर के निलंबित एएसआई राजेश मीणा ने जहां विधायक पर मारपीट का आरोप लगाकर खुद को पीड़ित बताया, वहीं उनके महिलाओं के साथ रंगलियां मनाने और आम लोगों को रिवॉल्वर की नोक पर धमकाने के वीडियो ने उन्हें विवादों में घेर लिया है.

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राजस्थान के अजमेर में तैनात एक एएसआई (ASI) राजेश मीणा इन दिनों चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. एक तरफ जहां उन्होंने भाजपा विधायक पर प्रताड़ना और हमले का आरोप लगाया, वहीं दूसरी ओर उनके कुछ ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिन्होंने पूरी कहानी ही पलट दी है. सोशल मीडिया पर वायरल इन वीडियो में दरोगा जी 'हसीनाओं' के साथ रंगलियां मनाते नजर आ रहे हैं.

क्या है पूरा विवाद?

अजमेर के केकड़ी थाने में तैनात एएसआई राजेश मीणा ने हाल ही में दावा किया था कि वह अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से निभा रहे थे, जिसकी वजह से विधायक शत्रुघ्न गौतम के लोगों ने उन्हें बेरहमी से पीटा. उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक उन पर अवैध खनन के मामलों में दबाव बना रहे थे और बात न मानने पर उनके साथ मारपीट की गई, जिसमें उनके सिर पर टांके आए और उंगलियां टूट गईं.

अय्याशी के वीडियो ने मचाया बवाल

ईमानदारी का दम भरने वाले राजेश मीणा के दावे उस समय सवालों के घेरे में आ गए जब उनके कुछ निजी वीडियो वायरल हो गए. वीडियो में दरोगा जी हाथ में गिलास लिए बिस्तर पर बैठे हैं और उनके बगल में युवतियां डांस कर रही हैं. एक अन्य वीडियो में वह सरोवर के किनारे सेल्फी लेते दिख रहे हैं और पीछे युवती डांस कर रही है. इन वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं. 

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आम जनता को धमकाने का भी आरोप

विवाद यहीं खत्म नहीं होता. एक अन्य वीडियो अस्पताल के बाहर का सामने आया है जिसमें राजेश मीणा खुद गाड़ियों में तोड़फोड़ करते और लोगों को डंडे से दौड़ाते नजर आ रहे हैं. पीड़ित पक्ष का आरोप है कि राजेश मीणा ने नशे की हालत में उनके साथ मारपीट की और उनकी कनपटी पर रिवॉल्वर रखकर जान से मारने की धमकी दी.

निलंबन और गिरफ्तारी की मांग

मामले की गंभीरता को देखते हुए राजेश मीणा को फिलहाल निलंबित (Suspend) कर दिया गया है. हालांकि, स्थानीय समाज और पीड़ितों में भारी रोष है. लोग उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और मुख्यमंत्री व राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया है. पीड़ितों का कहना है कि दरोगा ने पद का दुरुपयोग करते हुए निर्दोषों पर बंदूक तानी, जो एक गंभीर अपराध है.

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