इंडियन कहने पर रोने लगती थी... गाजियाबाद में 3 बहनों की मौत पर पिता ने खुलकर दिया जवाब, कर दिया खौफनाक खुलासा

Ghaziabad Triple Murder Case: गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में तीन सगी बहनों की आत्महत्या के मामले में ‘कोरियन कल्चर’ से उनकी गहरी दीवानगी और मोबाइल पर लगी पाबंदी को संभावित वजह माना जा रहा है.

बच्चियों की डायरी में सामने आईं चौंकाने वाली बातें. (Photo: ITG)
बच्चियों की डायरी में सामने आईं चौंकाने वाली बातें. (Photo: ITG)
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Ghaziabad Triple Murder Case: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित टीला मोड़ इलाके की 'भारत सिटी' सोसाइटी में तीन सगी बहनों की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है. नौवीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली इन तीनों बहनों की मौत के पीछे अब एक हैरान कर देने वाला 'कोरियन कनेक्शन' सामने आया है. मृतक बच्चियों के पिता ने चौंकाने वाला दावा किया है कि उनकी बेटियां कोरियन कल्चर (K-Culture) से इस कदर प्रभावित थीं कि वे खुद को भारतीय कहलाना भी पसंद नहीं करती थीं.

कोरियन नाम और शादी का सपना

पिता के मुताबिक तीनों बहनें कोरियन म्यूजिक, ड्रामा और फिल्मों की इतनी दीवानी थीं कि उन्होंने अपने नाम भी कोरियन रख लिए थे. जब भी परिवार में कोई उन्हें 'इंडियन' कहता या भारतीय होने की बात करता तो वे रोने लगती थीं और खाना तक छोड़ देती थीं. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बच्चियां कोरिया जाकर वहीं किसी कोरियन लड़के से शादी करना चाहती थीं. 

डायरी में मिला मौत का राज?

घटनास्थल से पुलिस को 8-9 पन्नों की एक डायरी बरामद हुई है, जिसमें बच्चियों ने अपने दिल की बात लिखी थी. डायरी के पन्नों में जिक्र है कि कोरियन हमारी जान हैं और वे किसी भारतीय से शादी करने की कल्पना भी नहीं कर सकती थीं. सुसाइड नोट में भी उन्होंने इस डायरी को पढ़ने की बात कही थी ताकि उनकी मौत की वजह साफ हो सके.

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14 साल की बहन थी 'टीम लीडर'

पिता ने एक और हैरान करने वाली बात बताई कि तीनों बहनों में से मंझली बहन (14 साल) ही 'टीम लीडर' की भूमिका में थी। बड़ी बहन (16 साल) और छोटी बहन (12 साल) उसी की बात मानती थीं. जिस रात यह हादसा हुआ, बच्चियों ने रात 12 बजे तक अपनी मां का फोन इस्तेमाल किया था. इसके बाद रात करीब 2:00 बजे उन्होंने कमरे में पूरे परिवार की तस्वीरें बिछाईं और बालकनी से छलांग लगा दी.

मोबाइल एडिक्शन और प्रतिबंध बनी वजह!

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि बच्चियों को मोबाइल और इंटरनेट का जबरदस्त एडिक्शन (लत) हो गया था. जब परिवार ने उन पर मोबाइल इस्तेमाल करने को लेकर पाबंदी लगानी शुरू की तो पॉसिबल है कि इसी तनाव में उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया. फिलहाल पुलिस मोबाइल फोन के डेटा और डायरी की हैंडराइटिंग की बारीकी से जांच कर रही है. 

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