सच हुई शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की भविष्यवाणी? उपद्रवियों के शिविर में घुसने से पहले कैमरे पर कह दी थी ये बात
प्रयागराज के संगम तट पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. पुलिस से तनातनी के बीच अब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर पर शनिवार शाम कुछ अज्ञात लोग घुस गए. लाठी डंडों से लैस भीड़ ने वहां जमकर उत्पात मचाया और नारेबाजी की. इससे पूरे मेला क्षेत्र में हड़कंप मच गया है.

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के माघ मेले में शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर में जबरन घुसने की कोशिश की. बताया जा रहा है कि ये लोग लाठी डंडों और झंडों लेकर आए थे. शिविर में घुसकर इन लोगों ने जमकर नारेबाजी की और वहां मौजूद सेवकों के साथ हाथापाई भी की. इससे मौके पर हड़कंप मच गया. आपको बता दें कि ये शंकराचार्य पहले से ही पुलिस प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठे हुए हैं.
आरोप है कि इन लोगों ने लव बुलडोजर बाबा जैसे नारे लगाए और जबरदस्ती कैंप के अंदर धुसने का प्रयास किया. ऐसे में शंकराचार्य के शिष्यों और सेवकों ने इन्हें रोका तो मामला मारपीट तक पहुंच गया. काफी देर तक वहां अफरा तफरी का माहौल बना रहा. इसके बाद सेवकों ने बड़ी मशक्कत के बाद इन उपद्रवियों को खदेड़कर बाहर निकाला.
पहले ही जताई थी अनहोनी की आशंका
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने बताया कि शिष्यों ने पहले ही अनहोनी की आशंका जताई थी. ऐसे में पूरे शिविर में पहले ही सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए गए थे. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ये कैमरे इसलिए लगाए गए ताकि अगर प्रशासन या कोई अन्य तत्व उनके साथ कुछ गलत करता है तो दुनिया के सामने सच आ सके. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर दोबारा ऐसी कोशिश हुई तो इसके परिणाम गंभीर होंगे.
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क्या है विवाद की जड़?
गौरतलब है कि इस पूरे विवाद की शुरुआत 18 जनवरी को हुई थी. उस दिन शंकराचार्य पालकी पर बैठकर संगम स्नान के लिए जाना चाहते थे. लेकिन पुलिस ने सुरक्षा का हवाला देते हुए उन्हें रोक दिया. इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच झड़प हुई थी. स्वामी जी का आरोप है कि पुलिस ने उनके बटुकों और शिष्यों के साथ मारपीट की. इसी अपमान का बदला लेने और माफी की मांग को लेकर वे पिछले सात दिनों से शिविर के बाहर धरने पर बैठे हैं.
पुलिस में शिकायत और बढ़ाई गई सुरक्षा
इस हमले के बाद शिविर प्रशासन ने थाना कल्पवासी में अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने मांग की है कि दोषियों की पहचान कर उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. साथ ही शिविर के आसपास सुरक्षा बल बढ़ाने की अपील की गई है. फिलहाल स्थिति को देखते हुए शंकराचार्य अपनी पालकी छोड़कर वैनिटी वैन में चले गए हैं. समर्थकों का कहना है कि यदि भविष्य में कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मेला प्रशासन और पुलिस की होगी.
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