UGC के नए नियमों पर आया विष्णु तिवारी का रिएक्शन, बोले-ये काला कानून, एससी/एसटी एक्ट के झूठे केस में काट चुके हैं 20 साल सजा
UGC के नए नियमों को लेकर देशभर में बहस तेज है. इसी बीच फर्जी SC/ST केस में 20 साल जेल काट चुके ललितपुर के विष्णु तिवारी का इस पर रिएक्शन सामने आया है. उन्होंने इन नियमों को काला कानून बताते हुए कहा कि ऐसे बदलाव आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बर्बाद कर सकते हैं.

UGC New Rules Controversy: UGC के नए नियमों को लेकर देश भर में बहस छिड़ी हुई है. इस बीच अब एससी/एसटी एक्ट के झूठे केस में 20 साल तक जेल में रहे विष्णु तिवारी का बयान सामने आया है. विष्णु ने यूजीसी के इन नए नियमों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है. आपको बता दें कि विष्णु तिवारी उत्तर प्रदेश के ललितपुर के रहने वाले हैं. विष्णु बलात्कार और एससी एसटी एक्ट के झूठे आरोप के बाद निर्दोष साबित हुए. अब विष्णु ने मौजूदा कानूनी बदलावों को 'काला कानून' करार दिया है.
यूजीसी के नए नियमों पर बात करते हुए विष्णु तिवारी ने इन्हें समाज के लिए नुकसानदायक बताया. उन्होंने कहा कि वे खुद एक झूठे कानून का शिकार होकर अपनी जिंदगी बर्बाद कर चुके हैं. उनका कहना था कि अब जो नए नियम या कानून लाए जा रहे हैं वे आने वाली पीढ़ी का भविष्य अंधकार में डाल सकते हैं.
सुनाई अपनी आपबीती
हमारे सहयोगी यूपी तक से बात करते हुए विष्णु तिवारी ने कहा कि मैने जेल बाहर आने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी, अदालतों का सामना किया और आखिरकार हमें न्याय मिला. भगवान और सरकार दोनों ने हमारी सुनी तभी आज हम बाहर हैं. हम अपने हाथ पैर सही सलामत हैं और मजदूरी करके जैसे तैसे पेट पाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि जेल से रिहा होने के बाद सरकार या प्रशासन की तरफ से हमें कोई आर्थिक मदद नहीं मिली. हमारी हालत इतनी खराब हो गई है कि हमारे पास कुछ भी नहीं बचा.
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यहां देखें उनका वीडियो
उन्होंने कहा कि जेल से बाहर आने के बाद अधिकारी हमारे पास जरूर आए. लेकिन किसी ने भी हमारी आर्थिक मदद नहीं की. आज हमारे पास न राशन कार्ड है न आवास. हमारा पूरा परिवार तबाह हो गया. हमारा मकान गिर गया, माता-पिता का निधन हो गया, हमारे दो भाई भी नहीं रहे. हमारी जमीन-जायदाद सब खत्म हो गई. आज हमारी हालत ऐसी है कि किसी भी तरह की सरकारी सहायता नहीं मिल रही. हमारी जवानी जेल में गुजर गई. जो समय कमाने खाने का था वो बेकार चला गया. अब बुढ़ापा आ गया है.
कौन हैं विष्णु तिवारी?
दरअसल, यूपी के बुंदेलखंड के ललितपुर के रहने वाले विष्णु पर जमीन और गाय से जुड़े एक विवाद के बाद गंभीर धाराएं लगा दी गई थीं. इस झूठे केस के कारण उन्हें 20 साल तक जेल में रहना पड़ा. जब वे जेल से बाहर आए तो उनका सब कुछ खत्म हो चुका था. उनके माता पिता और दो भाइयों की मौत हो चुकी थी. घर गिर गया था और खेती बारी सब बर्बाद हो गई थी. विष्णु का कहना है कि उनकी जवानी के वो दिन कोई वापस नहीं लौटा सकता जो जेल की अंधेरी कोठरी में बीत गए.










