MP News: ड्रग फैक्ट्री में क्या कर रही थी पुलिस की वर्दी? सब-इंस्पेक्टर की ID मिलने से मचा हड़कंप

रतलाम में ड्रग माफिया दिलावर खान की कोठी पर बड़ी कार्रवाई के बाद गायब हुए कैश और सीसीटीवी डीवीआर ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं. कोठी से निलंबित पुलिस अधिकारी की वर्दी मिलना और करोड़ों के कारोबार के बावजूद 'शून्य' नकद राशि की बरामदगी मामले को संदिग्ध बना रही है.

मध्यप्रदेश न्यूज
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मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में ड्रग्स के काले कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया, लेकिन अब यह कार्रवाई पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही गंभीर सवाल खड़े कर रही है. जावरा के चिकलाना गांव में ड्रग माफिया दिलावर खान (दिलावर लाला) की आलीशान कोठी पर छापा मारकर पुलिस ने करीब 10 किलो एमडी ड्रग और 300 लीटर केमिकल बरामद किया लेकिन कोठी से नकद राशि (Cash) और सीसीटीवी का डीवीआर (DVR) गायब मिलना चर्चा का विषय बना हुआ है.

10 घंटे की कार्रवाई और 'शून्य' रिकवरी का रहस्य

15 जनवरी की रात रतलाम पुलिस ने दिलावर खान के घर पर दबिश दी थी। 10 घंटे तक चली इस लंबी कार्रवाई में पुलिस ने करोड़ों की एमडी ड्रग, हथियार, चंदन की लकड़ी और जमीन की रजिस्ट्रियों से भरे तीन बोरे बरामद किए. हैरानी की बात यह है कि इतना बड़ा ड्रग साम्राज्य चलाने वाले माफिया के घर से पुलिस को एक रुपया भी नकद नहीं मिला. सवाल उठ रहे हैं कि क्या कार्रवाई से पहले कैश कहीं शिफ्ट कर दिया गया या फिर कोठी के अंदर ही कोई 'खेल' हुआ?

CCTV कैमरे मिले पर DVR गायब

दिलावर खान की कोठी में सुरक्षा के लिए एक दर्जन से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगे थे. पुलिस के मुताबिक, उन्हें मौके पर डीवीआर नहीं मिला. जानकारों का मानना है कि अगर डीवीआर पुलिस के हाथ लग जाता, तो ड्रग सिंडिकेट से जुड़े कई सफेदपोश नेताओं और पुलिस अधिकारियों के चेहरे बेनकाब हो सकते थे.

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निलंबित सब-इंस्पेक्टर की वर्दी और आईडी बरामद

जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ. ड्रग फैक्ट्री से निलंबित सब-इंस्पेक्टर रऊफ खान की पुलिस आईडी और वर्दी बरामद हुई है. इससे यह आशंका गहरा गई है कि क्या पुलिसिया संरक्षण में यह ड्रग का काला खेल फल-फूल रहा था? क्या इस वर्दी का इस्तेमाल इलाके में दबदबा बनाने के लिए किया जा रहा था?

एसपी के जवाबों ने बढ़ाई उलझन

जब इस मामले में रतलाम एसपी अमित सिंह से सवाल किए गए तो उनके जवाबों ने संदेह को और बढ़ा दिया. डीवीआर के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. वहीं, पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में नकद राशि मिलने की बात से इनकार करने वाली पुलिस के मुखिया अब कह रहे हैं कि "कुछ नकदी मिली थी".

यह मामला अब केवल ड्रग फैक्ट्री के भंडाफोड़ तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि गायब कैश, लापता डीवीआर और पुलिस-माफिया के बीच कथित साठगांठ की एक बड़ी पहेली बन गया है.

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