टाईगर...टाईगर...सफारी के दौरान दिखा बाघ तो पीछे दौड़ाई जिप्सियां, वीडियो वायरल हुआ तो DFO ने लिया बड़ा एक्शन
Corbett Jeep Safari Viral Video: उत्तराखंड के रामनगर स्थित फाटो सफारी जोन में नियमों की धज्जियां उड़ाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां बाघ को करीब से देखने के चक्कर में जिप्सी चालकों ने वन्यजीव की सुरक्षा के साथ ही पर्यटकों की जान भी खतरे में डालते हुए दिख रहे हैं. अब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही विभाग ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की है.

Corbett National Park Viral Video: उत्तराखंड के कॉर्बेट पार्क नेशनल पार्क से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में जंगल सफारी के दौरान नियमों को ताक पर रखकर बाघ देखने के लिए जिप्सी दौड़ाई जा रही थी. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. मामला रामनगर के तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंदर आने वाले फाेटो इको-टूरिज्म सफारी जोन का है. अब वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग की टीम हरकत में आई है और दोषियों की पहचान कर ली गई है.
बाघ के पीछे दौड़ती गाड़ियां का वीडियो वायरल
साेशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि जंगल सफारी के दौरान कुछ जिप्सी ड्राइवरों के बीच बाघ को देखने की होड़ मच रही है. वीडियो में जिप्सी चालक बाघ के पीछे अपनी गाड़ियों को तेज रफ्तार दौड़ा रहे हैं. वीडियो में करीब 7 से 9 के बीच जिप्सी हैं. सभी के जिप्सी ड्राइवरों के बीच अफरातफरी का माहौल है. इसी बीच पीछे से जिप्सी वाला आता है और सभी को पीछे छोड़ता हुआ सबसे आगे निकल जाता है. इस दौरान आसपास के इलाके में चारों तरफ धूल का गुबार छा जाता है. इस दौरान जिप्सी चालक बाघ के बिल्कुल करीब जाने की कोशिश करते दिख रहे हैं. वीडियो दो बाघ चलते हुए नजर आ रहे हैं.
यह भी पढ़ें...
डीएफओ ने मामले मे लिया एक्शन
इस बीच अब मामले में तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ प्रकाश आर्य ने बताया कि घटना 13 जनवरी 2026 की सुबह के समय की है. उन्होंने बताया कि वीडियो में दिख रही लापरवाही पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने दो जिप्सियों को बैन कर दिया है. इसके साथ ही दोनों जिप्सी चालकों और उनके साथ मौजूद नेचर गाइड्स पर भी अनिश्चितकालीन पाबंदी लगा दी गई है. अब ये लोग भविष्य में सफारी जोन में एंट्री नहीं कर पाएंगे.
इन लोगों पर गिरी गाज
डीएफओ द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, नियमों के विरुद्ध सफारी कराने वाले नेचर गाइड आशीष दफोटी और राज कराकोटी के साथ ही जिप्सी चालक अमजद और शमशाद (कलुआ) को दोषी पाया गया है. ये चारों नियमों को तोड़ते हुए पाए गए. इसके साथ ही इन्होंने जंगल की शांति को भी भंग किया. डीएफओ ने कहा कि वन्यजीवों के साथ इस तरह की छेड़छाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
यह भी पढ़ें: चंबा: भारी बर्फबारी के बीच 4 दिन तक मालिक के शव की रखवाली करता रहा कुत्ता, फिर ऐसे किया गया रेस्क्यू










