RJD में 'ट्रांसफॉर्मेशन' की तैयारी: तेजस्वी यादव और सुधाकर सिंह की नई जोड़ी करेगी कमाल, प्रदेश अध्यक्ष की हो सकती है छुट्टी!

RJD transformation news: बिहार विधानसभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी तेज हो गई है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पार्टी के ट्रांसफॉर्मेशन प्लान पर काम कर रहे हैं, जिसमें सुधाकर सिंह को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है. वहीं, मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल की छुट्टी तय मानी जा रही है. जानिए इस बदलाव के पीछे की रणनीति.

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राजद में होने वाला है बड़ा फेरबदल!
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बिहार विधानसभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पार्टी के भीतर एक नए ढांचे पर काम कर रहे हैं. चर्चा है कि तेजस्वी यादव जल्द ही खुद राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान संभाल सकते हैं और उनके साथ एक नया चेहरा संगठन को मजबूती देने के लिए उभरेगा. आइए जानते हैं क्या-कुछ हो सकता है बदलाव और किसकी होगी पार्टी से छुट्टी?

तेजस्वी और सुधाकर सिंह की नई जोड़ी

राजद के गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा लालू यादव और जगदानंद सिंह की पुरानी जोड़ी की जगह अब तेजस्वी यादव और सुधाकर सिंह की नई पीढ़ी की जोड़ी को लेकर है. सांसद सुधाकर सिंह को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. माना जा रहा है कि तेजस्वी यादव अपने आसपास रहने वाले उन लोगों को दरकिनार करने की कोशिश कर रहे हैं, जिनकी वजह से कार्यकर्ताओं और नेतृत्व के बीच दूरी बढ़ी थी. सुधाकर सिंह जैसे कद्दावर चेहरे को साथ लाकर तेजस्वी सवर्णों और किसानों के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करना चाहते हैं.

प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल की हो सकती है छुट्टी

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राजद के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को पद से हटाया जा सकता है. पार्टी की समीक्षा बैठकों में कई ऐसे नेताओं को चिन्हित किया गया है, जिन्होंने चुनाव के दौरान भितरघात किया या निष्क्रिय रहे. जल्द ही होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इन बदलावों पर मुहर लग सकती है. जहां कुछ नेताओं पर कार्रवाई की तलवार लटकी है, वहीं वफादार नेताओं को इनाम देने की भी तैयारी है.

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तेजस्वी की 'चुप्पी' और विपक्ष के सवालों के घेरे में राजद

एक तरफ जहां संगठन में बदलाव की तैयारी है, वहीं दूसरी तरफ तेजस्वी यादव की 'चुप्पी' पर सवाल भी उठ रहे हैं. नीट (NEET) जैसे बड़े छात्र आंदोलन और प्रदेश के और बड़े मुद्दों पर तेजस्वी की गैर-मौजूदगी चर्चा का विषय बनी हुई है. जन सुराज के नेता मनीष कश्यप ने उन पर तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने के बजाय अक्सर विदेश यात्राओं पर रहते हैं और सड़कों पर संघर्ष करते नहीं दिखते.

सितंबर में MLC चुनाव की अग्निपरीक्षा

राजद में इन बदलावों की टाइमिंग बेहद महत्वपूर्ण है. सितंबर में बिहार में विधान परिषद (MLC) के चुनाव होने हैं. विधानसभा चुनाव से पहले यह राजद के लिए खुद को संभालने और अपनी सीटों को बढ़ाने का एक बड़ा मौका होगा. तेजस्वी यादव के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने और सुधाकर सिंह के साथ नई केमिस्ट्री के जरिए राजद बिहार में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश करेगी. बिहार की राजनीति में राजद का यह ट्रांसफॉर्मेशन कितना सफल होगा, यह आने वाले कुछ महीनों में साफ हो जाएगा.

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