Gold Silver Price Update: जियोपॉलिटिकल तनाव से सोना-चांदी फिर रिकॉर्ड के करीब, आखिर कब आएगी गिरावट?

Gold Silver Price Update: जियोपॉलिटिकल तनाव और अमेरिका-वेनेजुएला टकराव के बाद सोना-चांदी फिर रिकॉर्ड लेवल के करीब पहुंच गए हैं. MCX से लेकर इंटरनेशनल मार्केट तक सेफ-हेवन डिमांड तेज हो गई है. क्या यह तेजी 2025 की मेगा रैली का अगला चरण है या अब करेक्शन आएगा? जानिए गोल्ड-सिल्वर की तेजी की असली वजहें.

Gold Silver Price Today
Gold Silver Price Today
social share
google news

Gold Silver Price Update: दुनिया की राजनीति जब हथियार उठाती है, तो सबसे पहले डर पैदा होता है और जब डर पैदा होता है, तो पैसा सेफ-हेवन की ओर भागता है. बीते वीकेंड ऐसा ही कुछ हुआ जब अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान कि अमेरिका अस्थायी रूप से वेनेजुएला को रन करेगा. ग्लोबल बाजारों में हलचल मच गई. इस हलचल का सबसे बड़ा फायदा सोने और चांदी को मिला. आइए विस्तार से जानते है पूरा मामला.

सोमवार मार्केट खुलते ही दिखा जबरदस्त उछाल

सोमवार सुबह जैसे ही बाजार खुले, गोल्ड–सिल्वर में जबरदस्त उछाल देखने को मिला. निवेशकों में सेफ-हेवन की होड़ लग गई और भारत में भी कीमतें रिकॉर्ड लेवल के आसपास पहुंच गईं. खबर लिखे जाने तक MCX पर सिल्वर का भाव साढ़े छह हजार रुपये उछाल के साथ 2 लाख 43 हजार रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी. वहीं, सोने की कीमत करीब 2 हजार रुपये उछाल के साथ 1 लाख 38 हजार रुपये पर ट्रेड कर रही थी. ये कोई मामूली मूवमेंट नहीं था. ये साफ संकेत था कि बाजार डर के मोड में चला गया है. 

भारत के साथ इंटरनेशल मार्केट में भी दिखी चमक

भारत के साथ-साथ इंटरनेशनल मार्केट में भी गोल्ड–सिल्वर चमके और पूरी दुनिया में सेफ-हेवन की तलाश दिखी. इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट सिल्वर(Spot Silver) के दाम  4.5% की उछाल के साथ $76 प्रति औंस पर पहुंच गए,  वहीं US Gold Futures पौने दो फीसदी उछाल के साथ $4 हजार 405 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गए. यानी साफ है अमेरिका–वेनेजुएला टकराव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स को रिस्क सेफ मोड में डाल दिया. 

यह भी पढ़ें...

2025 गोल्ड-सिल्वर के लिए ऐतिहासिक साल रहा है. इस रैली की जड़ें सिर्फ ताजा जियोपॉलिटिकल संकट में नहीं हैं. असल में 2025 पहले से ही गोल्ड–सिल्वर का गोल्डन ईयर रहा है. Silver ने 2025 में 147% फीसदी और गोल्ड ने 64 फीसदी का रिटर्न दिया. ये प्रदर्शन 1979 के बाद सबसे शानदार माना जा रहा है. मतलब ये कि मौजूदा तेजी सिर्फ खबरों की वजह से नहीं बल्कि पहले से बने मजबूत ट्रेंड का एक्सटेंशन है. 

सोने और चांदी में सेफ हेवन मांग क्यों तेज हो गई है?

सबसे बड़ी वजह- अमेरिका-वेनेजुएला तनाव

मादुरो की गिरफ्तारी और ट्रंप का बयान की अमेरिका अस्थायी तौर पर वेनेज़ुएला को रन करेगा, इससे सत्ता को लेकर अनिश्चितता और तेल सप्लाई पर सवाल और लैटिन अमेरिका में अस्थिरता पैदा हो गई.

दूसरी वजह- ग्लोबल रेट कट की उम्मीद

बाजार मान रहा है कि 2026 में अमेरिका कम से कम 2 बार ब्याज दरें घटा सकता है. कम ब्याज दर हमेशा गोल्ड के लिए पॉजिटिव होती है और चांदी की स्ट्रक्चरल कमी चीन ग्लोबल सिल्वर सप्लाई का 60 से 70% हिस्सा देता है. हाल ही में चीन रिफाइंड सिल्वर के एक्सपोर्ट पर पाबंदी लगा दी. इससे सप्लाई संकट पैदा हो गया है. शेयर बाजार, क्रिप्टो और बॉन्ड- तीनों में अनिश्चितता है ऐसे में निवेशकों के लिए गोल्ड–सिल्वर सेफ बेट बना हुआ है.

सोने-चांदी में कब आएगी गिरावट?

इस वक्त जियोपॉलिटिकल तनाव से सोने और चांदी को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है. जो निवेशक सोने और चांदी में बड़ी गिरावट का इंतजार कर रहे थे उनको इंतजार लंबा हो सकता है. फिलहाल सोने और चांदी में नरमी तभी आ सकती है जब ये 3 शर्तें पूरी हो जाएं:

  • पहला- अगर अमेरिका-वेनेजुएला तनाव जल्द शांत हो जाए
  • दूसरा- तेल सप्लाई नॉर्मल हो 
  • तीसरा- यूएस फेड रेट कट टाल दे

लेकिन फिलहाल जोखिम नीचे से ज्यादा ऊपर का है. सोने और चांदी में सिर्फ एक दिन की स्पाइक(उछाल) नहीं है. ये 2025 की मेगा रैली का कंटिन्यूएशन है, जिस पर अब US-Venezuela शॉक, फेड कट उम्मीद और चाइना के सिल्वर एक्सपोर्ट कर्ब्स ने और लेयर जोड़ दी है. गोल्ड-सिल्वर ओवरबॉट जोन में हैं और यहां से भी ऊपर जा सकते हैं, लेकिन 5 फीसदी का करेक्शन भी आ सकता है.

यह खबर भी पढ़ें: सोना लगातार हो रहा महंगा, लेकिन फिर भी गिरवी रखने की क्यों मची होड़? बैंक ने बताए 3 बड़े कारण

    follow on google news