अंकिता भंडारी केस में नाम उछाले जाने पर भड़के BJP नेता दुष्यंत कुमार गौतम, अब उठाया ये बड़ा कदम
Ankita Bhandari case: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता हत्याकांड में नाम उछाले जाने पर बीजेपी महासचिव दुष्यंत गौतम ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने विपक्षी नेताओं के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में 2 करोड़ का दावा ठोका है. इसके साथ ही देहरादून में FIR दर्ज करवाई है.

Ankita Bhandari murder case: अंकिता भंडारी हत्याकांड में अपना नाम घसीटे जाने से नाराज बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम ने अब कानूनी रास्ता अपनाया है. उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में 2 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर करने के साथ ही देहरादून के डालनवाला थाने में भी पुलिस शिकायत दर्ज कराई है. गौतम का आरोप है कि एक सोची-समझी साजिश के तहत उनकी छवि बिगाड़ने के लिए फर्जी ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे हैं.
बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम ने दिल्ली हाईकोर्ट में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ याचिका दाखिल की है. उन्होंने मांग की है कि सोशल मीडिया से उनके खिलाफ मौजूद अपमानजनक सामग्री को तुरंत हटाया जाए. अपनी छवी को हुए नुकसान के बदले उन्होंने 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है, जिस पर कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हो सकती है.
पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई शिकायत
दिल्ली हाईकोर्ट में कानूनी कार्रवाई के साथ ही दुष्यंंत गौतम ने उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के डालनवाला थाने में भी अपनी शिकायत दी है. उन्होंने पूर्व विधायक सुरेश राठौर, उर्मिला सनावर और उत्तराखंड कांग्रेस, आम आदमी पार्टी व उत्तराखंड क्रांति दल जैसे संगठनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि इन लोगों ने मिलकर सुनियोजित साजिश के तहत अंकिता हत्याकांड मामले के झूठे ऑडियो-वीडियो तैयार कर उन्हें सोशल मीडिया के अपलोड किए.
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दंगे भड़काने और साजिश रचने का आरोप
दुष्यंत गौतम के मुताबिक वायरल की जा रही सामग्री का उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी और उसके वरिष्ठ पदाधिकारियों की छवि धूमिल करना, समाज में भ्रम फैलाना और प्रदेश की शांति व्यवस्था को प्रभावित करना है. उन्होंने आरोप लगाया कि इन वीडियो में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है ताकि उत्तराखंड और अन्य राज्यों में असंतोष पैदा हो और दंगे भड़कें. उनका कहना है कि 24 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ यह दुष्प्रचार पूरी तरह से निराधार और तथ्यों से परे है.
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
शिकायत में यह भी कहा गया है कि उक्त सामग्री विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर शेयर की गई है, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है. मामले में भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के प्रावधानों के उल्लंघन का हवाला देते हुए पुलिस से आरोपियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और वायरल ऑडियो-वीडियो की सत्यता व स्रोत की पड़ताल की जा रही है.
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क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि साल 2022 में ऋषिकेश के एक होटल में 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या हुई थी. इस मामले में मुख्य आरोपी पुलकित आर्य और उसके साथियों को कोर्ट पहले ही उम्रकैद की सजा सुना चुका है. दुष्यंत गौतम का कहना है कि इस केस में उनका नाम कहीं नहीं है लेकिन फिर भी जानबूझकर उन्हें इस आपराधिक मामले से जोड़ने की झूठी कहानी रची जा रही है.
इनपुट: अंकित शर्मा
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