C-Voter Survey: मोदी सरकार को UGC के नए नियमों से बड़ा नुकसान! हैरान कर देंगे ये आंकड़े
UGC Reforms C Voter Survey 2026: C-Voter के ताजा सर्वे के मुताबिक, UGC के नए सुधार बीजेपी के लिए बड़ा सियासी सिरदर्द बन सकते हैं. सर्वे में शामिल 60% से ज़्यादा लोगों का मानना है कि इन बदलावों से बीजेपी को राजनीतिक नुकसान होगा. खास बात यह है कि NDA के अपने 57% वोटर और युवा वर्ग भी इस मुद्दे पर सरकार से नाराज दिख रहे हैं.

UGC Reforms C Voter Survey 2026: यूजीसी (UGC) के नए सुधारों को लेकर देश में बहस छिड़ी हुई है. छात्र संगठनों से लेकर विपक्षी दलों तक इन नियमों का विरोध कर रहे हैं, हालांकि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों पर फिलहाल रोक लगा दी है. लेकिन कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं. इसी बीच C-Voter स्नैप पोल का ताजा सर्वे सामने आया है. इस सर्वे में कई सवाल पूछे गए हैं. इनमें एक सवाल बीजेपी के नुकसान से जुड़ा है.
क्या UGC सुधार BJP के लिए नुकसानदायक होंगे?
सर्वे में पूछा गया कि क्या UGC के नए सुधार से बीजेपी को नुकसान होगा? सर्वे के मुताबिक, कुल 46.2 फीसदी लोग मानते हैं कि UGC सुधार बीजेपी के लिए बड़े स्तर पर नुकसानदेह हो सकते हैं, जबकि 14.1 फीसदी लोगों का कहना है कि यह कुछ हद तक नुकसान पहुंचाएगा. यानी कुल मिलाकर करीब 60 फीसदी से ज्यादा लोग मानते हैं कि इन सुधारों का राजनीतिक असर बीजेपी पर नकारात्मक पड़ सकता है. इसके उलट, 35.3 फीसदी लोगों को लगता है कि इससे बीजेपी को कोई खास नुकसान नहीं होगा.
18 से 24 साल के युवा चिंतित
अगर उम्र के आधार पर देखें तो 18 से 24 साल के युवा वर्ग में इस मुद्दे को लेकर ज्यादा चिंता दिखती है. इस वर्ग के 45 फीसदी युवाओं का मानना है कि UGC सुधार बीजेपी के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. वहीं 25–34 साल के आयु वर्ग में यह आंकड़ा थोड़ा कम जरूर है, लेकिन यहां भी राय पूरी तरह बीजेपी के पक्ष में नहीं दिखती. दिलचस्प बात यह है कि 55 साल से ऊपर के उम्र के लोगों में भी 63.9 फीसदी तक लोग इसे बीजेपी के लिए नुकसान मानते हैं, जो इस मुद्दे की व्यापकता को दिखाता है.
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जातिगत आधार पर क्या नतीजे?
सामाजिक वर्गों की बात करें तो तस्वीर और भी साफ हो जाती है. Upper Caste Hindus (UCH) में 76.3 फीसदी लोग मानते हैं कि UGC सुधार बीजेपी के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं, जबकि OBC वर्ग में भी करीब 47 फीसदी लोग ऐसा ही सोचते हैं. SC और ST वर्ग में हालांकि बड़ी संख्या यह मानती है कि बीजेपी को इससे सीधा नुकसान नहीं होगा, लेकिन वहां भी राय पूरी तरह एकतरफा नहीं है.
धार्मिक आधार पर क्या नतीजे?
धार्मिक आधार पर देखें तो मुस्लिम समुदाय में 34.6 फीसदी लोग इसे बड़े स्तर पर नुकसानदायक मानते हैं, जबकि 28 फीसदी लोग इसे कुछ हद तक नुकसान पहुंचाने वाला मानते हैं. यानी इस वर्ग में भी बीजेपी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
NDA वोटर का क्या मूड?
सबसे अहम संकेत 2024 के वोटिंग पैटर्न से मिलता है. जो लोग खुद को NDA का वोटर बताते हैं, उनमें भी 57 फीसदी मानते हैं कि UGC सुधार बीजेपी के लिए बड़े स्तर पर नुकसानदेह हो सकते हैं. यह आंकड़ा बीजेपी के लिए चिंता का कारण माना जा रहा है, क्योंकि आमतौर पर कोर वोटर ऐसे मुद्दों पर सरकार के साथ खड़े नजर आते हैं.
शहरी और ग्रामीण भारत में भी फर्क
शहरी और ग्रामीण भारत में भी फर्क साफ दिखता है. ग्रामीण इलाकों में 48.6 फीसदी लोग इसे नुकसानदायक मानते हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 40.5 फीसदी है. यानी गांवों में इस मुद्दे को लेकर नाराजगी अपेक्षाकृत ज्यादा दिखाई दे रही है.
बता दें यह सर्वे C-Voter द्वारा 28 जनवरी 2026 को किया गया है, जिसमें देशभर के 1245 लोगों से बात की गई है. इसमें सभी राज्यों और जिलों के लोगों को शामिल किया गया है.
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